गणेश उत्सव से पहले शुरू किया जागरुकता अभियान

मंडला। पर्यावरण और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए जरूरी है कि आने वाले गणेश उत्सव में ईको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं की ही स्थापना हो, ताकि पर्यावरण सुरक्षित रखा जा सके। गणेश उत्सव के पूर्व इसके लिए पहल भी शुरू कर दी है। इसमे गायत्री परिवार मंडला के विशेष प्रयासो से सरस्वती उच्च माध्यमिक विद्यालय मंडला मे विद्यालय के भैया बहिनो के साथ नगर की महिलाए इसके लिए सकारात्मक भागीदारी निभा रही है। जिसमे प्रशिक्षक के रूप मे नर्मदा समग्र के लाला राम चक्रवर्ती ने मिट्टी से अपने हाथो से बनी प्रतिमाओं का निर्माण शुरू करने का बहुत आकर्षक एवं सरलतम प्रशिक्षण दिया गया ।
लागत मूल्य पर मिलेंगी गणेश प्रतिमा-गायत्री मन्दिर मंडला , रेड क्रास के नीचे एवं शिशु मन्दिर मंडला मे ईको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कराकर लागत मूल्य पर प्राप्त हो सकेंगे ।पर्यावरण प्रेमी प्रशिक्षक लाला राम चक्रवर्ती ने बताया कि पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) की प्रतिमाओं के कारण पर्यावरण और जल स्रोतों को नुकसान पहुंचता है। पीओपी की प्रतिमाओं में रासायनिक रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसी प्रतिमाओं के विसर्जन से जलस्रोत प्रदूषित हो जाते हैं। कई जलीय जीवों की मृत्यु हो जाती है। इसलिए जरूरी है कि घरों में ईको फ्रेंडली प्रतिमाओं का निर्माण हो। उन्होंने बताया कि इसके लिए हम अपने घरो मे ही प्रतिमाएं तैयार कर उनको स्थापित करे । ओर जो नही बना सकते वो उन्हे प्रतिमाएं लागत मूल्य पर लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी।
जागरुकता अभियान मूर्ति निर्माण प्रशिक्षण कार्यशाला में संस्था के प्रचार्य कमलेश अग्रहरी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि हम अपने धार्मिक संस्कारों को खूब हर्षोल्लास के साथ मनाया जिसमें हमारा पर्यावरण संरक्षण हो सके और हम अपनी संस्कृति को बचा सके इसलिए हमारी भारतीय संस्कृति इको फ्रेंडली तो रही है अब हमें और सशक्त होकर उसे आगे बढ़ाना ।
कार्यक्रम के अन्त मे आभर् प्रदर्शन गायत्री परिवार के मुख्य ट्रस्टी रामश्रय चांद्रौल जी ने किया , उक्त कार्य क्रम मे गायत्री परिवार से दीपक रोहरा ,अशोक कुकरेजा सन्दीप साहू के साथ सोनी महिला मंडल की सभी महिलाओ ने प्रशिक्षण मे अग्रणी भूमिका निभाई ।



