मन, बुद्धि ,कर्म ,को जगाने और मजबूत करने का माध्यम है योग : योगगुरू शिवराम

जबलपुर दर्पण। आमतौर पर लोगों में पांच तरह की कमियां होती है राग द्वेष अहंकार भय और अविद्या, राग यानी किसी के साथ अटैचमेंट,द्वेष यानी किसी को नापसंद करना उनका बुरा सोचना, अहंकार में सम्मान की भूख होती है ,तो भय अज्ञात के प्रति चिंता , अविद्या यानी नासमझी, पांच चीजें हैं योगगुरु शिवराम राहुल साहू ने बताया की समय संबंध संपत्ति संतान और स्वास्थ्य लेकिन जो योग साधेंगे उनका स्वास्थ्य ठीक रहेगा और स्वास्थ्य ठीक होगा तो बाकी बातें अपने आप सही होती जाएंगी योग की विशेषता है वह शरीर के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रभाव डालता है जीवन में दोनों का संतुलन होना चाहिए आज कई लोग बुरे मानसिक स्वास्थ्य से ग्रस्त हैं आने वाले 10 -15 सालों में जब शांति ढूंढे नहीं मिलेगी तब वह केवल योग से ही प्राप्त होगी तो आज योग दिवस पर एक संकल्प के साथ योग को जीवन में इसलिए उतारिए कि संसार में रहते हुए जो भी करना है वह तो करना ही चाहिए लेकिन पूरी शांति के साथ।



