आयुष्मान हॉस्पिटल के संचालक द्वारा मान्यता रद्द का आदेश न लेने पर,दीवाल पर चिपका कर कराया तामील

जबलपुर दर्पण नप्र। जिला कलेक्टर एव मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय मिश्रा के सक्त आदेश के चलते आज आयुष्मान हॉस्पिटल सिहोरा को मान्यता रद्द होने का आदेश देने पहुंचे डाक्टर के हाथ निराशा ही लगी जब आयुष्मान हॉस्पिटल सिहोरा के संचालक द्वारा मान्यता रद्द होने वाले आदेश को लेने से इंकार कर दिया जब बात नही बनी तो वरिष्ट अधिकारियो के निर्देश पर उक्त आदेश को शटर के कलम पर चिपका दिया गया। जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय मिश्रा से मान्यता रद्द होने वाले आदेश के संबंध में बात की गई तो उनका कहना था अभी हमने शाम को आदेश जारी किया है जिसमे शहर की 3 अस्पताल एव सिहोरा की एक अस्पताल शामिल है जिनकी मान्यता रद्द की गई है। चुकी इस पत्र की प्रति मीडिया को भी दी गई थी आज कल लोग मीडिया पर ज्यादा भरोसा नही करते है। जबकि जबलपुर दर्पण समाचार पत्र ने देर रात हुए भर्ती मरीज का वीडियो एव स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी पत्र भी खबर के साथ पोस्ट किया गया था। लेकिन फिर भी अस्पताल प्रबधन मरीजों का इलाज करता रहा
आज सुबह भी आदेश लेने से इंकार कर दिया गया जिसके कारण विभाग को उक्त आदेश को दीवाल पर चिपकाना पड़ा। फिलहाल खबर प्रकाशित होते ही सारा अस्पताल खाली कर दिया गया है। जब श्री मिश्रा से ग्रामीण इलाकों में संचालित अस्पताल की नाम पता और मालिक का नाम जानना चाहा तो फिर डाक्टर साहब का मोबाइल नही उठा।
कही न कही कुकुरमुत्ते की तरह फैल रहे अस्पताल के पीछे कोन जिम्मेदार है जिसके लिए सारे कानून कायदो को एक किनारे रखकर सारे विभागों से अनुमति देकर बीएमएस डाक्टर अस्पताल का संचालन करके शहर एव ग्रामीण क्षेत्रों की भोली भाली जनता को चंद रुपयों की लालच में उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है। प्रशासन एव स्वास्थ्य विभाग के संरक्षण में ही जिले में हॉस्पिटल माफिया फल फूल रहा है।




