नर्मदा पथ मार्गदर्शिका में किया गया, पगडंडी मार्ग से परिवर्तित मार्ग का उल्लेख

डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। नर्मदा परिक्रमा वासियों की राह और आसान करने सहित तमाम तरह की पुरानी जानकारियों से संग्रहित नर्मदा पत्र मार्गदर्शिका पुस्तक का प्रकाशन किया जा रहा है। बताया गया कि अक्टूबर से प्रारंभ होने वाली परिक्रमा वासियों के लिए पुस्तक को तैयार की गई है। पुस्तक में अमरकंटक से अमरकंटक तक के नये पुराने सभी आश्रमों को लिखा गया है, तट मार्ग और पगडंडी मार्ग के साथ परिवर्तित मार्गों का भी उल्लेख पुस्तक में किया गया है। गौरतलब है कि दक्षिण तट की शूलपाणी के 3 मार्ग लिखे हैं।पुस्तक में शूलपाणी का मार्ग सर्वप्रथम बार इस पुस्तक में लिखा गया है, जिससे कि परिक्रमावासी इन मार्गों का सर्वाधिक उपयोग कर सकें। 60 पृष्ठों की इस पुस्तक में आरती, अष्टक और व्यास स्तुति का समावेश किया गया है। नर्मदा मैया के शास्त्रोंक्त स्वरूप का दर्शन भी सर्वप्रथम आपको इस पुस्तक में पड़ने को मिल सकती है। पुस्तक परिक्रमा वासियों को निशुल्क वितरित करने की योजना भी बनाई गईं हैं। पुस्तक की उपलब्धता के लिए मोबाइल नंबर 9821154745 जारी किया गया है, जो एक प्रकार की सेवा एवं जन जागरूकता होगी, वैसे पुस्तक का मूल्य ₹30 निर्धारित किया गया है। नर्मदा पथ मार्गदर्शिका पुस्तिका की लेखिका सीमा वीरेंद्र चौधरी हैं, जो लगातार नर्मदा सेवकों और उदारमना श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं के सहयोग से परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं की कुछ वर्षों से निस्वार्थ सेवा कर रही हैं।



