शिव शक्ति जगत का आधार: श्रीराम जी भाई

जबलपुर दर्पण। शिव शक्ति जगत का आधार है, निरंतर चराचर जगत में अजन्मा है जो सृष्टि का संचालन करते हैं । शिव विवाह के गूढ़ रहस्यों की व्याख्या सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गये। सृष्टि के निर्माण में शब्द का बहुत बड़ा योगदान है वह शब्द कौन सा है जो संसार का मूल है जो सुख का मूल है जो शांति का मूल है जहां से सृष्टि के सभी गुण पैदा होते हैं यह प्रश्न उठता है। श्रीमद्भागवत गीता जी में अर्जुन के पूछने पर भगवान श्री कृष्ण अक्षर ब्रह्म के बारे में बताते हैं वह कहते हैं अ कार में हूं ओउम् तत् सत् ओमकार मेरा स्वरूप है ओंकार से सृष्टि बनी है इसमें राम शब्द वेदरूप है ब्रह्म रूप है और प्रकृति का नियामक है ओंकार में और राम नाम में कोई भेद नहीं है नाम कल्पतरु है सात्विक इच्छा होने पर नाम उसकी पूर्ति करता है सभी देवता सभी शक्तियां नाम में निहित है नाम की शक्ति जगाओ प्रकृति के रहस्य प्रकृति का ज्ञान व्यक्त अव्यक्त वेद विद्या प्रगट होने लगती है कबीर साहेब जो बोले वह वेद वचन ही तो हैं सूर साहब नानक साहब मीराबाई गोस्वामी जी अनेक संत महापुरुष जो बोले हैं जो गाया है वह वेद ही है कागज लेखि नहीं आंखों की देखी उसमें भी दिव्य दृष्टि से जो अनुभव पाया उसी को गाया है इससे सिद्ध होता है इनाम कल्पतरू है वेद भी शब्द ही तो है ओंकार शब्द ही तो है राम शब्द ही तो हैं शब्द में शक्तियां समाहित रहती हैं इसलिए उठो जागो हे भारत के वीर सपूतों कपट छोड़कर ईर्ष्या छोड़कर अभिमान छोड़ कर वेद गुरु की आज्ञा के अनुसार जन्म को सफल बनाने के लिए सत्य में स्थित हो जाओ
बाहर की सफाई पर जितना ध्यान हम देते हैं मन की सफाई पर उसका दसवां भाग भी ध्यान दें तो मन की मैल मिट जाएगी मल्ही हमको आनंद में नहीं डूबने देता मैं यही हमारी पीड़ा का कारण है इसलिए मन का मैल मिटाओ प्राणी आओ हरि गुण गाओ, उक्त उद्गार परम पूज्य आचार्य श्री रमाकांत मिश्र वृंदावन श्रीपीठ ने श्री राम मंदिर मदन महल में नव दिवसीय आध्यात्मिक श्रीराम कथा में शिव विवाह के वर्णन में कहे ।
विधान मंडल का विधिवत पूजन पं राम कुशल पांडे , वैदिक आचार्यों के व्दारा किया गया।क्षश्री राम कथा में उपस्थित होकर धर्म लाभ अर्जित करने का आग्रह पं राम कुशल पांडे, आचार्य धीरेन्द्र पांडेय, चंद्र कुमार भनोत, गुलशन मखीजा, शोभा महेंद्र सेठी, अंशुमाला अजय धगट, स्तुति सेल्ट, राशी तन्मय, रमेश शर्मा,मनीष पोपली , जवाहर महाजन, राम जी अग्रवाल, उमेश खुराना, विध्येश भापकर, सहित राम मंदिर मदन महल की समिति सदस्यों ने की।



