बी एस सी को प्रोफेशनल डिग्री माने कृषि विस्तार अधिकारियों की मांग

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया गया कि प्रदेश में विभिन्न विभाग है, जिनमें कृषि विस्तार अधिकारी की ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक शासन -प्रशासन की सारी सूचनाएं एवं योजनाओं की जानकारी समय पर देना जबाबदारी होती हैं। अधिकांश कृषि विस्तार अधिकारी फील्ड पर जाकर अपने दायित्व का निर्वहन पूर्णतः ईमानदारी के साथ करते हैं। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अपनी विभिन्न लंबित समस्याओँ के निराकरण के लिए कई वर्षों से संघर्षरत हैँ। ये अपना वेतनमान बढ़वाने के लिए वर्षों से परेशान हैं।पडोसी राज्य छत्तीसगढ़ में इनके समकक्ष लोकसेवकों को अधिक ग्रेड पे मिल रहा हैं परिणामस्वरूप वेतन भी अधिक मिल रहा है।और मध्यप्रदेश में पदस्थ/कार्यरत कृषि विस्तार अधिकारी उनके बराबर वेतन की मांग भी वर्षों से कर रहें हैं। विस्तार अधिकारी भर्ती नियम के अनुसार बी एस सी एग्रीकलचर अनिवार्य है जिसे कि भारत सरकार के द्वारा प्रोफेशनल डिग्री का दर्जा दिया जाना चाहिए।अनेकों बार ज्ञापन के माध्यम से सरकार को अवगत कराने का प्रयास भी किया गया परन्तु कोई निष्कर्ष नहीं निकला। संगठन के अर्चना भट्ट, चंदा सोनी, पुष्पा रघुवंशी, आशा सिसोदिया,भास्कर गुप्ता, ऋषि पाठक,सुधीर गौर,विश्वनाथ सिंह, जी आर झारिया,अफ़रोज़ खान, धर्मेंद्र परिहार,राकेश मून, दुर्गेश खातरकर,नितिन तिवारी, अजब सिंह, समर सिंह, आसाराम झारिया,भोगीराम चौकसे,गंगाराम साहू,सुरेंद्र परसते,अजय श्रीपाल, प्रमोद चौबे, त्रिलोक सिंह, कमलेश दुबे, राशिद अली, शायदा खान, रेनू बुनकर, अनुराधा नामदेव, सुमिता इंगले,आदेश विश्वकर्मा, डेलन सिंह,जागृति मालवीय,मोदित रजक, जीतेन्द्र रजक, ब्रजेन्द्र सिंह,अजय मिश्रा,धर्मेंद्र परिहार,इमरत सेन, आलोक शर्मा, सुरेंद्र जायसवाल, माया सोयाम,आदि ने मुख्यमंत्री और विभाग के वरिष्ठ सक्षम अधिकारीयों से पत्राचार किया और उपरोक्त मांग पर शीघ्र अतिशीघ्र निर्णय लेने को कहा।



