दक्षिण अफ्रीका की सबसे ऊंची चोंटी पर फहराया तिरंगा

जबलपुर के युवाओं ने बढ़ाया मध्यप्रदेश का मान
कठिन डगर को किया पार, घर वापसी पर हुआ भव्य स्वागत
जबलपुर दर्पण। दक्षिण अफ्रीका कासबसे ऊंचा पर्वत किलिमंजारो हैं, जिसके लिए मध्यप्रदेश से दो युवाओं का चयन हुआ, जिसमें से सौरभ कुशवाहा व अंकित सेन दोनों का सिलेक्शन हुआ। इस संबंध में मध्यप्रदेश के जबलपुर के अमखेरा निवासी सौरभ कुशवाहा ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका की सबसे ऊंची चोंटी 8 हजार 595 मीटर है, जिस पर 1 लाख 9 हजार 341 फि ट पर मध्यप्रदेश के जबलपुर निवासी सौरभ कुशवाहा व अंकित सेन ने तिरंगा लहराया है और प्रदेश का मान बढ़ाया है।
इस संबंध में सौरभ कुशवाहा ने बताया कि जब वे चोटी में चलना शुरू किए तो लगभग यहां का तापमान माइन्स 13 डिग्री था, चोटी पर पहुंचना आसान नहीं था, कम ऑक्सीजन, बर्फ बारी और बर्फ ीली हवाओं के बीच उनके पैर सुन्न हो गए थे और उनके सिर में भी बहुत दर्द होने लगा था, इसके अलावा वह कई कठिनाइयों का सामना करते हुए मध्यप्रदेश के दो इंटरनेशनल पर्वतारोहियों ने भारत का तिरंगा लहराने में सफ ल हुए।
इनके सहयोग से की फहत हासिल
आगे चर्चा में सौरभ कुशवाहा ने बताया कि उनको यहां तक पहुंचाने में कई लोगों की मेहनत हैए,जिसमें विधायक लखन घनघोरिया, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, चितरंजन वार्ड के पार्षद प्रमोद पटेल, वृंदावन कुशवाहा, अनिल कुशवाहा, अशोक सम्राट, प्रताप कुशवाहा, प्रकाश कनौजिया, डॉक्टर महेश दास के सहयोग से ही इस चोटी में तिरंगा फ हरा सके और भारत का मान बढ़ा सके। वहीं उन्होंने बताया की फतह हासिल करने के बाद घर वापसी पर संस्कारधानी जबलपुर आने पर रेलवे स्टेशन में उनका भव्य स्वागत हुआ।
अब माउन्ट एवरेस्ट चोटी पर चढऩे का है लक्ष्य
इस दौरान सौरभ कुशवाहा ने बताया कि उनके माता पिता जी मजदूरी करते हैं, वह एक मध्यम फैमिली से भी हैं, उसके बावजूद भी उनके माता पिता उन्हें आगे बढ़ाने में मदद करते हैं, सौरभ ने आगे बताया कि उन्होंने माउंट रेनिंग का भी कोर्स किया है, अटल बिहारी वाजपई इंस्टीट्यूट मनाली से रॉक क्लाइंबिंग का भी कोर्स वह कर चुके हैं, माउंट आबू राजस्थान से उन्होंने सिल्वर मेडल भी जीता है, अंकित सेन और सौरभ कुशवाहा दोनों ने 27 व एडवेंचर क्लब इंडिया भी जॉइनिंग किया था, चंडीगढ़ से जो कि नारकंडा के लिए उनका सिलेक्शन हुआ, सौरभ का कहना है कि अब उनका अगला लक्ष्य माउंट एवरेस्ट में तिरंगा लहराना है, जिसकी तैयारी उनके द्वारा की जा रही है, माउंट एवरेस्ट पर चढ़कर वह जल्दी माउंट एवरेस्ट फ तह करेंगे।



