उर्दू विषय के शिक्षक हो रहे अतिशेष

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि गोहलपुर परी क्षेत्र में उर्दू माध्यम की 3 शाला हिंदी माध्यम की 13 शाला एवं एक उर्दू हाई स्कूल संचालित हो रही है इन संस्थाओं में उर्दू माध्यम से शिक्षा दी जाती है विगत कुछ वर्षों से उर्दू माध्यम की शालाओं में हिंदी माध्यम के शिक्षकों को स्थानांतरित कर दिया गया है जिन्हें उर्दू भाषा की कोई जानकारी नहीं है ऐसे में छात्रों के साथ पूरी तरह से न्याय नहीं हो पाता है हिंदी माध्यम के शिक्षकों के आजाने के बाद उर्दू माध्यम के शालाओं से उर्दू माध्यम के शिक्षकों को स्थानांतरित किया जा रहा है जो कि न्याय संगत नहीं है अतः अतिशेष के नाम पर उर्दू माध्यम की शालाओं से अन्य भाषा के शिक्षकों को अतिशेष किया जाना चाहिएl संघ ने मुख्यमंत्री महोदय और आयुक्त राज्य शिक्षा केंद्र से मांग की है कि उर्दू माध्यम के स्कूलों में सिर्फ उर्दू के शिक्षक और हिंदी माध्यम के स्कूलों में सिर्फ हिंदी के शिक्षकों को ही रखा जाए जिससे दोनों ही भाषाओं के स्कूलों मे सामंजस्य बना रहे और अतिशेष से शिक्षक पीड़ित ना होl



