लोगों के दिलों पर राज करते हैं कवि प्रदीप और नीरज

जबलपुर दर्पण। “कवि नीरज और कवि प्रदीप पुस्तकों में नहीं बल्कि लोगों के दिलों में राज करते हैं साहित्यकार की सार्थकता इसी में है कि वह जन-जन तक के अंतःकरण में प्रविष्ट होकर अपनी छाप छोड़ दे। उक्त विचार सेंट अलॉयशियस कॉलेज में हिन्दी विभाग द्वारा डॉ. अभिलाषा शुक्ला के संयोजकत्व में आयोजित संगोष्ठी के द्वितीय दिवस समापन अवसर पर मुख्य अतिथि कुलपति प्रोफेसर कपिल देव मिश्रा ने व्यक्त किए। सचिव डॉ. कैरोलिन सैनी द्वारा संगोष्ठी का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। प्राचार्य डॉ. फा.वलन अरासू ने कहा कि “प्रदीप और नीरज दोनों ही कवि कवियों ने कभी स्वयं के कष्टों को नहीं देखा बल्कि दूसरों के लिए मुस्कुराते रहे। हमें उनसे यह सीखने की आवश्यकता है।’ सारस्वत अतिथि प्रो. सत्यकेतु सांकृत, संकायाध्यक्ष, डॉ बी. आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय ने कहा कि कवि प्रदीप एवं नीरज की तरह हमें भी अपने कार्यों और आचरण में राष्ट्रवाद को प्रमुखता देनी चाहिए, तभी हम अपने लोकतंत्र की रक्षा कर सकेंगे। विशिष्ट अतिथि डॉ. नूतन पांडे ने कहा कि इन दोनों कवियों ने उपेक्षित विधा को मंच प्रदान किया और अपने प्रभावशाली गीतों के माध्यम से लोगों के हृदय को जोड़ा। इस दौरान हिन्दी विभागध्यक्ष डॉ. रामेंद्र ओझा भी मंचासीन रहे। कार्यक्रम के दौरान मैथेमेटिकल साइंस की पुस्तक भी विमोचित की गई, इसके संपादक डॉ. अरासू और डॉ. मीता दरबारी हैं। संचालन डॉ. जरीन बक्श, डॉ. निहारिका सिंह द्वारा किया गया। संगोष्ठी के दोनों दिन कवि प्रदीप एवं नीरज के गीतों की प्रस्तुति श्रीमती ताप्सी नागराज के नेतृत्व में दी गई।



