जियो और जीने दो का महान संदेश देने वाले भगवान महावीर का मनाया जन्म कल्याणक महोत्सव

जबलपुर दर्पण। जियो और जीने दो का महान संदेश देने वाले 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्म कल्याणक के शुभ अवसर पर संस्कारधानी जबलपुर समाज के द्वारा विशाल जुलूस एवं हिंसा संदेश यात्रा का आयोजन किया गया| इस अवसर पर सभी जैन मंदिर की पालकी जिसमें भगवान महावीर विराजमान से शोभायात्रा निकाली गई| सभी नागरिक सफेद एवं पीले वस्त्र पहन कर जुलूस में शामिल हुए और अहिंसा का संदेश देते हुए विश्वशांति की कामना की| इस अवसर पर जनप्रतिनिधि सांसद विधायक उपस्थित रहे| भगवान महावीर ने सबसे प्रेम का व्यवहार करते हुए दुनियाभर को अहिंसा का पाठ पढ़ाया। भगवान महावीर कहते हैं कि धर्म सबसे उत्तम मंगल है। अहिंसा, संयम और तप ही धर्म है, ‘जो धर्मात्मा है, जिसके मन में सदा धर्म रहता है, उसे देवता भी नमस्कार करते हैं।भगवान महावीर ने अपने प्रवचनों में धर्म, सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह, क्षमा पर सबसे अधिक जोर दिया। त्याग और संयम, प्रेम और करुणा, शील और सदाचार ही उनके प्रवचनों का सार था। उन्होंने दुनिया को पंचशील के सिद्धांत बताए। इसके अनुसार ये सिद्धांत सत्य, अपरिग्रह, अस्तेय, अहिंसा और क्षमा हैं। उन्होंने अपने जीवनकाल में अहिंसा का भरपूर विकास किया। पूरे विश्व को अध्यात्म का पाठ पढ़ाने वाले भगवान महावीर ने कार्तिक कृष्ण अमावस्या की रात्रि में पावापुरी नगरी में मोक्ष प्राप्त किया। महावीर को ‘वर्द्धमान’, ‘वीर’, ‘अतिवीर’ और ‘सन्मति’ भी कहा जाता है। अंतिम तीर्थेश भगवान महावीर स्वामी की जन्म जयंती पर संपूर्ण ब्रम्हांड को बधाईयाँ, शुभकामनाएं| मंगल भावना, हे प्रभु जिस प्रकार आपके जन्मकल्याणक के समय तीनों लोकों में यहां तक नरकों में भी सुख का वातावरण विनिर्मित हो जाता है वैसे ही इस ब्रम्हांड में जहां तक जीवात्मा निवास करते हैं, वहां तक सभी महामारी बिनिष्ट हो चारों ओर सुख शांति व्याप्त हो।



