स्वातंत्र्यवीर वीर दामोदर सावरकर जी की जयंती पर किया याद

महान क्रन्तिकारी, माँ भारती के सच्चे सपूत, समाज सुधारक, हिंदुत्व विचारधारा के समर्थक, स्वातंत्र्यवीर दामोदर सावरकर जी की 140वी जयंती के उपलक्ष्य में शांतम प्रज्ञा आश्रम नशा मुक्ति, मनो आरोग्य, दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में “वीरता दिवस” मनाया गया.
इस अवसर पर वीर सावरकर जी के तेलचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्पांजलि अर्पित की गई.
साथ ही आश्रम संचालक क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट,
फिलासफर राम सेवक दास ने आश्रम में भर्ती होकर उपचार ले रहे मरीजों को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में वीर सावरकर जी के महान योगदान के विषय में बताया कि किस प्रकार सावरकर जी ने त्याग, शौर्य और राष्ट्रभक्ति को अपना परम उद्देश्य बनाकर क्रांति के माध्यम से देश को स्वतंत्र करने का बीड़ा उठाया.जिसके परिणाम स्वरुप उन्हें काला पानी जैसी कठोर सजा उन्हें दी गई . देश को गुलामी की बेड़ियों से आज़ाद कराने के लिए सावरकर जी ने हिन्दू महासभा नामक राजनैतिक दल की स्थापना की और क्रांतिकारी आंदोलन के लिए अभिनव भारत, जैसे संघठन की स्थापना की..
जबलपुर दर्पण। हमें वीर सावरकर जैसे राष्ट्रपुत्र महान देशभक्त के राष्ट्रवादी विचारों को आत्मसात करने की आवश्यकता है..
वहीं डॉ आज़ाद कुशवाहा जी ने अपने उद्बोधन में बताया कि जो आजादी का आज हम आनंद उठा रहें है उसके पीछे वीर सावरकर जैसे महान राष्ट्रवादी देशभक्तों के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है..
आज हमारा देश नशे जैसी सामाजिक समस्या से जूझ रहा है इसके लिए देश के युवाओं को हमारे देश के महान क्रांतिकारियों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है जिन्होंने अपने जीवन की परवाह किये बिना भारत माता को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराया..अंत में फिजियोथेरेपिस्ट यश रंजन श्रीवास ने सभी मरीजों को वीर सावरकर जी की जयंती की शुभकामनायें दी और युवाओं को नशा मुक्त होकर राष्ट्र के विकास में अपना योगदान देने का आह्वान किया..
साथ ही वीर सावरकर जी के जीवन पर बनी फ़िल्म “वीर सावरकर” फ़िल्म दिखाई गई जिससे प्रेरणा लेकर नशे की मानसिक बीमारी से जूझ रहे पीड़ित नशा मुक्त होकर राष्ट्रवाद से जुड़ अपना, परिवार और राष्ट्र का नवनिर्माण कर सके..



