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म्यूज़िक वीडियो सपने जो देखे थे की सक्सेस पार्टी ने जमाया रंग जश्न में शामिल हुईं कई दिग्गज हस्तियां

मुंबई । नब्बे के दशक में संगीतकार आनंद-मिलिंद, गीतकार समीर और गायिका अलका याग्निक ने एक से बढ़कर एक हिंदी गाने दिये जिन्हें आज भी याद किया जाता है और आज भी उन गानों को उसी शिद्दत के साथ गुनगुनाया जाता है. सालों बाद जब सुमधुर संगीत की यह चौकड़ी एक बार फिर से साथ आई तो एक बार फिर से कमाल हो गया!

समीर के अर्थपूर्ण गीत, आनंद-मिलिंद की प्यारी सी धुन और अलका याग्निक और मकरंद की सुमधुर आवाज़ से सजे गीत ‘सपने जो देखे थे’ ने लोगों को अपना दीवाना बना दिया है. यही वजह है कि इस म्यूज़िक वीडियो को 10 लाख से भी ज़्यादा बार देखा-सुना जा चुका है. गाने की सफलता का जश्न मनाने के लिए गाने से जुड़े सभी दिग्गज मुम्बई के अंधेरी स्थित कंट्री क्लब में एक‌ साथ इकट्ठा हुए और गाने की कामयानी के लिए लोगों का तहे-दिल से शुक्रिया अदा किया.

‘सपने जो देखे थे’ की सक्सेस पार्टी में अलका याग्निक ने कहा, “मूझे इस गाने को गाने के दौरान 90 के दशक जैसा माहौल मिला. रिकॉर्डिंग के वक्त मैं काफ़ी नॉस्टैलजिक हो गयी थी. हमारा कंफर्ट लेवल कुछ इस तरह है कि हंसते-खेलते और पिकनिक मनाते हुए हमने इस गाने की रिकॉर्डिंग कर ली. मुझे इस गाने को गाकर खूब मज़ा आया और लोगों ने इस गाने को जिस क़दर प्यार दिया है, उससे मैं बहुत अभिभूत हूं.”

एक से बढ़कर एक हिट गाने देने वाले गीतकार समीर ने इस मौके पर कहा, “ऑक्टेव म्यूज़िक के नीरज श्रीधर ने जब मुझे इस गाने के लिए अप्रोच किया तो मुझे बेहद ख़ुशी हुई. संगीतकार आनंद-मिलिंद और अलका याग्निक और मैं, जब हम सब साथ जुड़ते हैं, तो ऐसा नहीं लगता है कि हम काम कर‌ रहे हैं, मजा़क-मस्ती करते हुए हमने इस गाने का निर्माण कर दिया, जो लोगों का फेवरिट बन गया है.”

समीर ने ‘सपने जो देखे थे’ के गायक मकरंद की भी ख़ूब तारीफ़ की. उन्होंने कहा, “मैंने मकरंद के स्टेज परफॉर्मेंसेस के बारे में काफ़ी सुना था. लेकिन जब मैंने‌ इस गाने में मकरंद की आवाज़ सुनी तो मैं हैरान रह गया. इतनी बढ़िया आवाज़ है मकरंद की क्या बताएं. उन्होंने एक-एक शब्द, हरेक पंक्ति को बहुत ही दिल से गाया है और गाने को पूरी तरह से एंजॉय किया है और जब आप काम को एंजॉय करते हो, तो उसका नतीजा बहुत अच्छा ही होता है. इस गाने की कामयाबी सभी की साझा कोशिशों का नतीजा है. मैं गाने की सफलता के लिए सभी को बधाई देना चाहता हूं.”

किशोर कुमार की गायिकी से बेहद प्रभावित मकरंद ने ‘सपने जो देखे थे’ गाने के अपने‌ अनुभव के बारे में कहा, “यूं तो जब मैं स्टेज पर गाता हूं तो मेरे गाने में आपको किशोर कुमार की गायिकी की झलक सुनाई देगी. लेकिन मैंने सपने जो मैंने देखे थे गाना अपनी ही आवाज़ में गाने की कोशिश की है. मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं समीर द्वारा लिखे और आनंद-मिलिंद द्वारा संगीतबद्ध किये गाने को अलका याग्निक के साथ ड्यूट के रूप में गाऊंगा. इस गाने को गाने के साथ ही मेरा एक बहुत बड़ा सपना पूरा हुआ है. ये कहना ग़लत नहीं होगा कि सपने जो मैंने देखे थे, वो सच हो गये.”

ऑक्टेव म्यूज़िक के कर्ता-धर्ता नीरज श्रीधर ने इस गाने की अपार सफलता पर अपनी ख़ुशी जताते हुए कहा, “मैं 90 के दशक से आनंद-मिलिंद के संगीत, अलका याग्निक की आवाज़ और समीर के गीतों का दीवाना रहा हूं और हमेशा से इन सभी के साथ काम करना चाहता था. 90 का दशक एक से बढ़कर एक मधुर गानों का दौर था और ‘सपने जो देखे थे’ गीत सुनने के बाद आपको एक बार फिर से मेलोडी का वो सुनहरा दौर याद आ जाएगा. मुझे ख़ुशी है कि मुझे ऐसे दिग्गज लोगों के साथ काम करने का मौका मिला और सबने मिलकर इतना बढ़िया गाना क्रिएट किया, जो लोगों को ख़ूब पसंद आ रहा है.”

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