सरकार के लिए अवैध और जबरन वसूली का अड्डा बना एमपी ऑनलाइनः तरुण भनोत

जबलपुर दर्पण । एमपी ऑनलाइन के माध्यम से सरकार विभिन्न प्रकार की सरकारी योजनाओं का संचालित करती है, इसके अलावा छात्रों को कॉलेजो में एडमिशन के अलावा सरकारी नौकरियों के फॉर्म भरे जाते है | एमपी ऑनलाइन की तकनीकी खामियों के कारण कई बार छात्रों को परेशान होना पड़ता है, ऐसी ही एक अजीव घटना जबलपुर में एक बच्ची के साथ घटी है | क्षेत्र की रहने वाली एक छात्रा द्वारा शिकायत की गई है कि एमपी ऑनलाइन के माध्यम से कॉलेज में स्नातक के लिए एडमिशन के लिए फॉर्म भरा और फॉर्म भरने के एवज में उस छात्रा से 700 रुपये वसूले गए, जिसमे 500 रुपये की रसीद दी गई | एसएमएस के माध्यम से छात्रा को सूचित किया गया कि आपके व्यक्तिगत जानकारियों में कुछ त्रुटि होना बताकर फॉर्म को रद्द कर दिया गया | छात्रा ने फिर दूसरी बार फॉर्म भरा और इसके बदले उससे फिर से 700 रुपये लिए गए और इस प्रकार से उस छात्रा द्वारा एडमिशन के लिए चार बार फॉर्म भरा गया और 2800 रुपये खर्च करने के बावजूद छात्रा कॉलेज में प्रवेश से वंचित रह गई | उक्त पीड़ा प्रदेश सरकार में पूर्व वित्त एवं स्वास्थ्य मंत्री और जबलपुर पश्चिम से विधायक श्री तरुण भनोत ने व्यक्त की है |
श्री भनोत ने बताया कि महाराष्ट्र बोर्ड से दसवीं और बारहवीं की परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हुई है और छात्रा के माता-पिता दोनों मजदूरी कर अपनी बेटी को पढ़ा रहे है | लेकिन, शासन की लापरवाही और एमपी ऑनलाइन की तकनीकी खामियों के कारण न जाने कितने ही छात्र ऐसी समस्याओं से जूझ रहे है | छात्रा ने बताया कि उसके कई साथी छात्र-छात्राएं भी एमपी ऑनलाइन की तकनीकी खामियों के कारण प्रवेश से वंचित हो चुके है, जबकि एमपी ऑनलाइन के माध्यम से वसूले गए 700 रुपये भी छात्रा को वापिस नही किए गए | यह छात्र-छात्राओं के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और उनपर मानसिक और आर्थिक दोहन कि दोहरी मार है | एमपी ऑनलाइन सरकार का प्लेटफॉर्म है और ऐसे में छात्रों से जबरन वसूली किया जाना अवैध है |
ऐसी घटनाएं बेहद गंभीर है और श्री भनोत ने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे मामलों में उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए कि कैसे और किसके आदेश पर प्रदेश के छात्रों से ऐसी वसूली और ठगी की जा रही है ? श्री भनोत ने उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक को पत्र लिखकर इस मामले में जांच करने और एमपी ऑनलाइन की तकनीकी खामियों से वंचित छात्रा को एडमिशन देने की बात कही गई है, ताकि छात्रा का शैक्षणिक वर्ष बर्बाद ना हो |



