सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़ाए हाथ तो नन्ही बिटिया पहुंच गई स्कूल

डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी के विकासखंड बजाग अंतर्गत ग्राम पंचायत बछरगांव के लबेदा गांव में रहनी वाली एक बच्ची की सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मदद करते हुए सरकारी स्कूल पहुंचाया है। परिजन गांव से दूर रह रहे हैं, जिनको बाहरी दुनिया से कोई सरोकार नहीं हैं, अपने नातिन के साथ गांव से दूर खेत में घर बनाकर परिजन रह रहे हैं, जिन्हें अभी तक किसी सरकारी योजनाओं का लाभ लड़की के परिजनों को नहीं मिला है। जानकारी में बताया गया कि बजाग जनपद पंचायत के बछरगांव के लबेदा निवासी देवसिंह धुर्वे के साथ उनकी नातिन उर्मिला परस्ते खेत में घर बनाकर रह रहे है। बताया गया कि उसकी नातिन उर्मिला अब दस वर्ष की हो चुकी हैं, उसने अभी तक स्कूल का मुंह भी नही देखा है। बच्ची का अभी न तो आधार कार्ड बना है और न ही समग्र आई डी में नाम दर्ज है। विडंबना यह है कि बच्ची का अभी तक जन्मप्रमाण पत्र नहीं बना है और न ही करोना काल में उसे किसी भी प्रकार का कोई टीका लगा है। मामले की जानकारी ग्राम पंचायत बछरगांव के स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता अरुण मरावी को लगी, जिन्होंने पुलिस की मदद ली और पुलिस के साथ उस आदमी के घर पहुँचे। जब समाजसेवी अरुण मरावी ने उर्मिला से बात की तो उसने बताया कि वह पढ़ना चाहती हैं, उसने दबी जुबान में हामी भरी। कार्यकर्ताओं ने प्राथमिक विद्यालय बंजरटोला के शिक्षक से सम्पर्क कर उसे स्कूल पहुंचाया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बच्ची के लिए ड्रेस, स्कूली बस्ता सहित अन्य चीजों की व्यवस्था तत्काल कराई गई। अब उर्मिला स्कूल पहुँचकर अपनी हम उम्र की लड़कियों के साथ मिलकर बहुत खुश हैं।



