मध्य प्रदेशरीवा दर्पण

तत्कालीन कलेक्टर रीवा बसंत कुर्रे को जारी हुआ नोटिस

आरटीआई के मामले में तत्कालीन कलेक्टर बसंत कुर्रे को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस मध्य प्रदेश राज्यम सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने फेसबुक लाइव सुनवाई के दौरान . आरटीओ के लोक सूचना अधिकारी मनीष त्रिपाठी को 25 हज़ार रुपये एवं तत्कालीन जिला कलेक्टर एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी बसंत कुर्रे को जारी किया नोटिस

रीवा/भोपाल। फेसबुक लाइव में की गई सुनवाई के माध्यम से मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह के द्वारा दो अपीलीय प्रकरणों का निराकरण किया गया जिसमें एक मामले में आरटीओ विभाग में लगाई गई आरटीआई के विषय में मामला प्रकाश में आया। बताया गया कि आवेदक अपीलकर्ता शरद औदिच्य के द्वारा सूचना का अधिकार का आवेदन लगाया गया था जिसमें मनीष त्रिपाठी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी लोक सूचना अधिकारी रहे हैं एवं इलैयाराजा टी को प्रथम अपीलीय अधिकारी जिला कलेक्टर रीवा को तलब किया गया था। मामला एक मोटरसाइकिल चोरी के विषय में था जिसमें वर्ष 2001 में अपीलकर्ता शरद औदिच्य को अरेस्ट किया गया था। मोटरसाइकिल में न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के द्वारा लोन दिया गया था और 07/03/2001 को मोटरसाइकिल चोरी होना बताया गया था जिसके बाद अगले ही दिन न्यू इंडिया इंश्योरेंस ने 40 हज़ार रुपये का रिफंड किया था।

आरटीओ ने दस्तावेज नष्ट होने का बताया कारण

मामले की सुनवाई के दौरान जो तथ्य सामने आए उसमें यह बात समझ आई कि आवेदक को चाही गई जानकारी लोक सूचना अधिकारी के द्वारा उपलब्ध नहीं करवाई गई थी और कागजात नष्ट होने की बात की गई थी। साथ में कई पत्र ऐसे भी प्राप्त हुए जिससे एनओसी दिए जाने में भी अनियमितता समझ में आई। इस पूरे मामले को राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह भांप गए और लोक सूचना अधिकारी की जमकर खिंचाई की और जानना चाहा कि जब वर्ष 2004 से आरटीओ विभाग में डिजिटलाइजेशन हो रहा था तो कागजात डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रखे होने चाहिए था और जैसा कि यह बात सामने भी आई और लोक सूचना अधिकारी ने स्वयं भी स्वीकार किया कि कुछ कागज कंप्यूटर में उपलब्ध थे तब सवाल यह था कि यदि कागज कंप्यूटर में उपलब्ध थे तो आवेदक को सूचना के अधिकार अधिनियम की मंशा के अनुरूप समय पर उपलब्ध क्यों नहीं करवाए गए? इस बात से साफ जाहिर हुआ कि लोक सूचना अधिकारी सूचना नहीं देना चाह रहे थे और कानून के उल्लंघन के दोषी पाए गए।मामले में प्रथम अपीलीय अधिकारी और तत्कालीन कलेक्टर बसंत कुर्रे का भी नाम सामने आया इस प्रकार आयोग ने लोक सूचना अधिकारी एवं परिवहन अधिकारी को 25 लाख रुपये जुर्माने का कारण बताओ नोटिस जारी किया और साथ में प्रथम अपीलीय अधिकारी तत्कालीन जिला कलेक्टर रीवा बसंत कुर्रे को भी नोटिस जारी कर सुनवाई में उपस्थित होने के लिए कहा। इस प्रकार मामला अगली सुनवाई में सुनिश्चित किया जाएगा कि आखिर पूरे मामले में लोक सूचना अधिकारी के अतिरिक्त और कौन-कौन अधिकारी दोषी है।

पारदर्शिता और जनजागरण अभियान के चलते किया जा रहा फेसबुक लाइव में प्रसारण

बता दें मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह भारत के ऐसे पहले सूचना आयुक्त हैं जो अपनी समस्त सुनवाई फेसबुक लाइव के माध्यम से उपलब्ध करवा रहे हैं जिससे उनके निर्णय पर कोई भी प्रश्न चिन्ह खड़ा न हो और न तो आवेदक अपीलकर्ता और न ही लोक सूचना अधिकारी अथवा प्रथम अपीलीय अधिकारी यह बात कह पाए की  किसी के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय हुआ है अथवा भेदभाव किया गया है।दूसरी बात यह भी स्पष्ट है कि आजकल सूचना के अधिकार अधिनियम को ज्यादा से ज्यादा जन जन तक पहुंचाने के लिए सूचना आयोग एवं साथ में आरटीआई एक्टिविस्ट शिवानन्द द्विवेदी के द्वारा भी निरंतर प्रयास किया जा रहा है जिसके चलते प्रत्येक रविवार को ज़ूम मीटिंग का आयोजन किया जा रहा है जनसुनवाई और सोशल ऑडिट का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसके माध्यम से सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी कैसे प्राप्त करें कैसे समाज में पारदर्शिता आए और किस प्रकार से लोगों को अपने अधिकार के विषय में जागरूक किया जाए निरंतर प्रयास चल रहे हैं इसके चलते भी फेसबुक लाइव के माध्यम से आयोग की सुनवाई करना एक नजीर बन कर सामने उभरा है ।

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