पहले डीएपी अब यूरिया खाद की हो रही डबल लाक में किल्लत, किसान हलाकान

डबल लाक गोदाम में अव्यवस्थाओं के चलते किसान परेशान
पाटन/जबलपुर दर्पण। कुछ समय पहले तक किसान डीएपी खाद के लिए मारामारी कर रहे थे। अब रबी फसल की बुआई के समय डबल लाक में डीएपी खाद का रैक तो आ गया लेकिन वहां के कर्मचारियों के द्वारा कछुए की चाल से खाद का वितरण किया जा रहा है जिसके चलते गोडाउन में दिनभर किसानों की अफरा तफरी मची रही वही डबल लाक से खाद वितरण में प्रशानिक अधिकारी या कृषि विभाग के अधिकारियों के द्वारा किसी भी तरह का कोई सहयोग नही किया गया।
ज्ञात हो कि लम्बे इंतजार के बाद पाटन ब्लाक के गुरू पिपरिया डबल लाक में डीएपी का रैक आया था जैसे ही क्षेत्र के किसानों को इसकी फनक लगी सुबह 4 बजे से किसानों की भीड़ गुरु पिपरिया डबल लाक गोडाउन में इकट्ठा हो गई। इन दिनों किसानों को मटर की बुआई के लिए डीएपी की बहुत आवश्यकता है और जिन क्षेत्रों में मटर की बुआई पहले हो गई थी उन किसानों को अभी यूरिया खाद की जरूरत हैं। किसानों को फिलहाल डबल लाक से यूरिया तो नसीब नहीं हो रहा है। बेचारा किसान ओपन मार्केट से ऊंचे दामों में यूरिया खरीदने को मजबूर है। मटर की फसल को यूरिया खाद नहीं मिला तो मटर की पैदावार कम होगी इसको लेकर किसान बहुत चिंतित है। ग्वारी के किसान नीतेश सिंह ने बताया कि हम सुबह 4:30 बजे गोडाउन आ गए थे उस समय यहां पर सैकड़ों किसानों की भीड़ थी सुबह से धक्का मुक्की खाते हुए हमारा दोपहर 3 बजे न आया था शासन प्रशासन को यहां टोकन व्यवस्था करनी चाहिए जिससे किसानों को राहत मिलेगी। इसके अलावा बुजुर्ग किसानों के लिए भी कुछ अलग से व्यवस्था करनी चाहिए।
बासन के किसान गोलू ने बताया कि जैसे तैसे डीएपी खाद आई है तो उसे गोडाउन से लेने में किसानों के पसीने छूट रहे हैं। डीएपी लेने आए संदीप पटेल ने बताया कि सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में किसान डबल लाक गोडाउन पहुंच गए थे वहां पर विपणन संघ के दो ही कर्मचारी तैनात थे किसानों की इतनी अधिक भीड़ उमड़ पड़ने के कारण खाद वितरण करने मे उनको काफी समय लग रहा था जिसकी वजह से बार बार डबल लाक गोडाउन में विवाद की स्थिति निर्मित हो रही थी।




