कान्हा की बांसुरी सुरमयी संध्या संपन्न

जबलपुर दर्पण। बांसुरी को बजाकर नंद नन्दन ने जड़ को चेतन कर दिया, कान्हा की बांसुरी से गोप गोपियों के साथ हम सभी का जीवन धन्य हो जाता है उक्त उद्गार नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह दास जी महाराज ने श्री सनातन धर्म महासभा और श्री गोपाल लाल जी मंदिर हनुमानताल के सौजन्य से जन्माष्टमी महोत्सव के अवसर पर एक शाम बंसी वाले के नाम कान्हा की बांसुरी में कहे।
मधुबन में राधिका नाचे रे,यशोमती मैया से बोले नंदलाला राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला ,ऐसी लगी लगन मीरा हो गई मगन, राधा का भी श्याम मीरा का भी श्याम लोग करें मीरा को यों ही बदनाम, जैसे कर्णप्रिय गीत वेणु, बांसुरी से ख्याति लब्ध बांसुरी वादक स्वर साधक बासु मिथलेश, निरंजन पुरी, सुयश मिश्रा ने सुंदर बांसुरी की धुनों से भजन सुनाए।
तबला संगत श्री अंकुर झा ने किया।
गायक दिलीप कोरी के कृष्ण भजन सुन कर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। जन्माष्टमी शोभा यात्रा में झांकियों के साथ शामिल हुए मंदिरों को पुरस्कृत किया।
महासभा के अध्यक्ष श्याम साहनी, उपाध्यक्ष बाबू विश्वमोहन, अशोक मनोध्या, गुलशन माखीजा, गिरिराज चाचा, पं रोहित दुबे,शरद काबरा,राममूर्ति मिश्रा,सुनीता चावला, अंजु भार्गव,प्रेम पुरी गोस्वामी, पप्पन मिश्रा, राजेश सेठी, हरीश सभरवाल , के के बस्सी, नीता चावला, सोनम सेठी, सुभाष साहू, प्रतिभा भापकर, आभा साहू, पूजा खेड़ा, अनुराधा सुजीत सोन्धिया, नीरज मिश्रा, रीतु बडगैया, पूनम साहनी, पूनम प्रसाद, जगदीश साहू, राजेन्द्र यादव मनोज पटेल मनीष पोपली, मदन लाल जेठा, श्याम खंडेलवाल, मंच संचालन लकी भाटिया आभार धन्यवाद ज्ञापन गिरिराज चाचाजी ने किया।



