मध्य प्रदेश

500 वर्ष पुरानी लीला को याद कर आयोजित होगा विशाल दिव्य धर्म यज्ञ समागम

बैतूल मध्य प्रदेश। कबीर साहेब जी आज से लगभग 600 वर्षों पूर्व काशी के लहरतारा तालाब पर प्रकट हुए और तत्वज्ञान को जन जन तक फैलाया। कबीर साहेब जी एक गरीब जुलाहे की भूमिका में सभी को सतभक्ति का संदेश दे रहे थे उसी दौरान अन्य धर्मगुरुओं द्वारा एक षड्यंत्र के तहत कबीर साहेब जी के नाम से झूठी चिट्ठी पूरे भारतवर्ष में भेजी गई जिसमें लिखा था कि कबीर जी काशी में भंडारा करा रहे है और भंडारे में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को भंडारे के उपरांत एक मोहर व एक दोहर भी दी जाएगी, ऐसा निमंत्रण मिलने पर काशी शहर में 18 लाख साधु संत तय दिनांक को पहुंच गए। इस झूठे षड्यंत्र पर पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी ने सतलोक से अपना दूसरा रूप केशव बंजारा का बनाकर नो लाख बेलों पर पका पकाया भोजन सब्जी,पुड़ी, दाल,चावल,लड्डू,जलेबी,खीर,हलुआ,कचौड़ी,पकौड़ी आदि मोहक भोजन काशी शहर में लाकर एक अखंड विशाल भंडारा तीन दिन तक आयोजित किया था। उसी महाविशाल भंडारे की याद में इस वर्ष संत रामपाल जी महाराज जी के पावन सानिध्य में दिनांक 14 से 16 नवंबर तक “दिव्य धर्म यज्ञ” दिवस के रूप में यह समागम आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन भारत सहित कई देशों में मनाया जाएगा।
मध्य प्रदेश के बैतूल स्थित सतलोक आश्रम में होने वाले इस तीन दिवसीय महाविशाल समागम में 13 राज्यों से लाखों श्रद्धालु शामिल होंगे। समागम के दौरान श्रद्धालुओं के लिए खाने पीने,रहने,बैठने व नित्यकर्म की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। बड़े बड़े पांडाल लगाए गए है।
संत रामपाल जी महाराज जी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में शुद्ध देसी घी से निर्मित लड्डू, जलेबी,बर्फी सहित विभिन्न व्यंजनों का अटूट भंडारा होगा जिसके लिए खाद्य सामग्री का स्टॉक किया जा चुका है। श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क पार्किंग, रजाई-गद्दों की व्यवस्था और मोबाइल चार्जिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
इसके साथ ही समाज सुधारक के रूप में ख्याति प्राप्त सन्त रामपाल जी महाराज जी के आदेश से समाज में बेटियों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए इस आयोजन में सैकड़ों दहेज मुक्त विवाह संपन्न होंगे। साथ ही रक्तदान शिविर व देहदान शिविर का भी आयोजन किया जाएगा।
तीन दिवसीय इस महासमागम में आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज जी द्वारा लिखित अमर ग्रंथ साहेब का अखंड पाठ होगा। एक विशेष आध्यात्मिक प्रदर्शनी के माध्यम से कबीर साहेब जी द्वारा की गई लीलाओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान इक्कीस ज्योतियों का विशेष यज्ञ भी किया जाएगा, जो तीनों दिन अखंड जलेंगी। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को निःशुल्क नाम दीक्षा भी प्रदान की जाएगी। समागम की एक विशेषता यह है कि इसमें जाति-पाति के भेदभाव से ऊपर उठकर सभी समाज के लोग एक साथ प्रसाद ग्रहण करेंगे।
कार्यक्रम के आयोजक विष्णु दास ने बताया कि आने वाली दिनांक 14, 15, व 16 नवंबर को सतलोक आश्रम बैतूल मध्यप्रदेश सहित भारत के 10 सतलोक आश्रम एवं विश्वभर में संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में 511 वे दिव्य धर्म यज्ञ दिवस की जोरो – शोरों से तैयारियां की जा रही है। इस दिव्य महासमागम में विश्व भर से लोगों को संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयायियों द्वारा निमंत्रण पत्र देकर प्रेमपूर्वक आमंत्रित किया जा रहा है। यह पापनाशक भंडारा है जिसे करने से हमारे पापकर्मों का नाश होता है और हमे सद्बुद्धि मिलती है। उन्होंने बताया कि आज से 511 वर्ष पूर्व कबीर परमेश्वर जी ने एक निर्धन जुलाहे की भूमिका निभाते हुए काशी में 18 लाख साधु महात्माओं को तीन दिन तक मोहन भंडारा खिलाकर अपनी समर्थता का परिचय दिया था। यह आयोजन आध्यात्मिक ज्ञान और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है । संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में प्रत्येक वर्ष इस महा समागम का आयोजन किया जाता है । जो लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान और सामाजिक समरसता की दिशा में प्रेरीत करता है।

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