जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश
लॉक डाउन का सफर बन गया अंतिम सफर

जबलपुर।कहते हैं मृत्यु पर किसी का वश नहीं होता किंतु यह भी सर्वविदित सत्य है कि जब कोई अपना छोड़कर जाता है तो अपनों के लिए अविस्मरणीय यादें छोड़ जाता है। एक तकलीफ हमेशा के लिए छोड़ जाता है। मुंबई के बांद्रा से वाराणसी के लिए चलने वाली ट्रेन में मोहम्मद गुलाम रसूल अपने परिवार के साथ चले थे प्रयागराज जाने के लिए लेकिन इटारसी स्टेशन पर उनकी आकस्मिक मृत्यु हो गई। उनके परिजनों को और पार्थिव शरीर को जबलपुर में उतार लिया गया। यहां शव का परीक्षण किया जाएगा। कोरोना टेस्ट भी किया जाएगा। कोरोनावायरस और उसके बाद आगे की विधि सम्मत कार्यवाही की जाएगी किंतु इस दृश्य को जिसने भी देखा उसकी आंखें द्रवित हो गईं।



