बेटी मंत्री बन लौटी,

मां की आंखों से छलक गए मोती
इंदौर। आरती की थाली सजाकर 93 वर्षीय शांतिदेवी कर रहीं थीं इंतजार, रात १२.१५ बजे घर पहुंची उषा ठाकुर
इंदौर। बेटी मंत्री बनकर घर लौटी तो मां की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। 93 वर्षीय मां का वर्षों पुराना सपना जो पूरा हो गया था। भावविभोर होकर उसकी आरती उतारी तो बेटी ने थाली हाथ से लेकर मां की आरती उतार दी। मां ने बेटी के सिर हाथ फेरकर ढेरों आशीर्वाद देते हुए माथा चूम लिया। ये नजारा कल रात संगम नगर स्थित मंत्री उषा ठाकुर के निवास का था। इंदौर पहुंचे के बाद वे सभी वरिष्ठ नेताओं से मिलने पहुंचीं। इसी फेर में घर पहुंचने में देर हो गई। रात १२.१५ बजे घर पहुंचीं, जहां मां शांतिदेवी ठाकुर उनका आरती की थाली लेकर इंतजार कर रही थी। जैसे ही ठाकुर की गाड़ी घर के बाहर रुकी, वैसे ही घर वालों की खुशी का ठिकाना न रहा। घर में प्रवेश करते जैसे ही बेटी को देखा तो शांतिदेवी के आंसू निकल पड़े। परिजन ने उषा को पगड़ी पहनाई और मां ने आरती की। इस पर बेटी ने थाली लेकर मां की आरती उतारी और आशीर्वाद लिया। बाद में उन्होंने बड़े भाई अम्बू ठाकुर के भी पैर छुए। सभी से मिलने पहुंचीं कल ठाकुर सबसे पहले वरिष्ठ नेता सुमित्रा महाजन के यहां गईं। बाद में वह सांसद शंकर लालवानी, कैलाश विजयवर्गीय, रमेश मेंदोला के घर पहुंची। हालांकि दोनों नेता नहीं मिले। बाद में पार्टी कार्यालय पर नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे ने उनका स्वागत किया। यहां से वे विधायक महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा, मनोज पटेल के यहां होते हुए कृष्णमुरारी मोघे के घर गईं। काफी देर दोनों में चर्चा हुई। बाद में काफिला गोपी नेमा, बाबूसिंह रघुवंशी, विधायक मालिनी गौड़ के यहां होते हुए सुदर्शन गुप्ता के घर पहुंचा। ठाकुर का स्वागत करने के लिए गुप्ता का पूरा परिवार खड़ा था। गुप्ता ने रसगुल्ला खिलाकर उनका मुंह मीठा करवाया। गौरतलब है कि आज ठाकुर वरिष्ठ नेता सत्यनारायण सत्तन, विष्णुप्रसाद शुक्ला और जीतू जिराती सहित कई नेताओं से मिलने पहुंचेंगीं।



