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अब प्रशासन से आरपार के मूड में कर्मचारी यूनियन

रक्षा मंत्रालय की आयुध निर्माण कंपनी प्रबंधकों दिया हड़ताल का नोटिस।


जबलपुर। रक्षा मंत्रालय आयुध निर्माण कंपनियों के सभी कर्मचारियों ने अपने प्रबंधन को आगामी 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का नोटिस दिया है। आयुध कंपनियों के निगमीकरण के विरोध में मुख्य रूप से यह हड़ताल का नोटिस दिया गया है।
ऑल इंडिया डिफेंस एम्पलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री एसएन पाठक जी ने बताया की रक्षा विभाग की तीनों फेडरेशनों द्वारा संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है जिसके अनुसार
ऑडनेंस फैक्ट्रियों के प्रस्तावित निगमीकरण के फैसले वापस लेने के मुद्दे पर रक्षा मंत्री, द्वारा सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी गई। अतः ऑडनेंस फैक्ट्रीयों की यूनियनों ने 12 अक्टूबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए प्रशासन को हड़ताल नोटिस सौंपा। दिनांक 16 मई को वित्त मंत्री द्वारा ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों के निगमीकरण किए जाने की घोषणा के बाद रक्षा विभाग की 3 मान्यता प्राप्त फेडरेशन AIDEF, INDWF, BPMS द्वारा 14 ज्ञापन महामहिम भारत के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, रक्षा सचिव, सचिव रक्षा उत्पादन इत्यादि को निगमीकरण का फैसला वापस लिए जाने के लिए भेजे गए थे। आज दिनांक तक उक्त पत्रों का रक्षा मंत्रालय की ओर से कोई भी सकारात्मक उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है। 28 जुलाई की रक्षा उत्पादन सचिव के साथ संपन्न हुई वीडियो कान्फ्रेंस में रक्षा उत्पादन सचिव द्वारा आश्वस्त कराया गया था कि रक्षा कर्मचारियों का पक्ष रक्षा मंत्री तक पहुंचाया जाएगा। ऐसा प्रतीत होता है कि आज दिनांक तक निगमीकरण को वापस लिए जाने के फैसले पर कुछ भी नहीं हुआ है। वर्तमान परिस्थिति में कोई अन्य विकल्प ना होने की स्थिति में 80000 ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कर्मचारियों का पक्ष मजबूती से रखने के लिए ऑडनेंस फैक्ट्रीयों तथा DGQA की ट्रेड यूनियनों ने 12 अक्टूबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल का नोटिस प्रशासन को सौंप दिया है। जिन मांगों को आधार बनाकर हड़ताल का नोटिस दिया गया है वे यह हैं
स्वायत्तता, जवाबदेही तथा ऑडनेंस फैक्ट्रीयों की कार्य क्षमता को बढ़ाने के नाम पर ऑडनेंस फैक्ट्रीयों के प्रस्तावित निगमीकरण का फैसला वापस लिया जाए, निगमीकरण का फैसला पूर्व सरकारों रक्षा मंत्रियों द्वारा किए गए वादे विभिन्न फोरम तथा सचिव रक्षा उत्पादन के साथ 23 अगस्त 19 की बैठक के फैसले का उल्लंघन है।

ऑडनेंस फैक्ट्री बोर्ड के वर्तमान स्वरूप को कायम रखते हुए ऑडनेंस फैक्ट्रीयों की दक्षता, क्षमता, उत्पादन,गुणवत्ता, जवाबदेही, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, ट्रांसफर आफ टेक्नोलॉजी इत्यादि को बढ़ाने के लिए एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया जाए।

ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड को सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई बनाने के निर्णय को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए, जिसके कारण ऑडनेंस फैक्ट्री कर्मचारियों के वर्तमान अधिकार एवं सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा तथा भविष्य के कर्मचारियों की भारत सरकार रक्षा मंत्रालय के सिविलिय रक्षा कर्मचारी की पात्रता को कायम रखा जाए। जिससे भारत सरकार द्वारा समेकित फंड / रक्षा सेवा एस्टीमेट से कर्मचारियों को समय समय पर दी जाने वाली सुविधाएं एवं अधिकार ऑडनेंस फैक्ट्री कर्मचारियों को भी प्राप्त होती रहे।
ऑडनेंस फैक्ट्री कर्मचारियों की मांगों पर सरकार के प्रस्तावित निगमीकरण के विरोध में लगातार पत्राचार, ज्ञापन, धरना, प्रदर्शन के पश्चात भी सरकार द्वारा निगमीकरण वापस लिए जाने के फैसले पर कोई सकारात्मक रुख नहीं दिखाया गया है । अतः फेडरेशन के पास हड़ताल के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं होने पर सारी जिम्मेदारी रक्षा उत्पादन विभाग एवं रक्षा मंत्रालय की होगी।
जबलपुर स्थित गन कैरिज फैक्ट्री व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर ऑडनेंस फैक्ट्री खमरिया ग्रे आयरन फाउंड्री तथा DGQA की यूनियनों ने अपने अपने संस्थान प्रमुख को हड़ताल का नोटिस सौंपा।

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