7 कोरोना मरीज हुए डिस्चार्ज

दमोह । मंगलवार को जिला अस्पताल डीसीएससी वार्ड से फिर अच्छी खबर आई। यहां से 07 कोरोना योद्धा स्वस्थ्य होकर अपने घरों को रवाना हुए। स्वस्थ्य होकर अपने घर जाते हुये कोरोना योद्धा ने कहा पहले दिन से यहां पर इलाज नहीं सेवा की जा रही है। सभी सिस्टर्स दिन में 4 से 6 बार चेकअप करने के लिए आती हैं, कोई प्रॉब्लम नहीं है, घबराने की जरूरत नहीं है, डरने की डरने की जरूरत नहीं है, लड़ने की जरूरत है, यदि आपको कोई लक्ष्ण हैं, यहां पर आए अपना चेकअप कराएं, कोई तकलीफ हो डॉक्टर्स लोग हैं, बहुत अच्छा ट्रीटमेंट है, कहीं जाने की जरूरत नहीं है, आप बहुत जल्दी ठीक हो जाते हो। इसी प्रकार एक अन्य महिला कोरोना योद्धा ने कहा सभी डॉक्टर, स्टाफ नर्स की आभारी हूं, जिन्होंने हमारी तन मन से सेवा की है और इस लायक बना दिया कि हम लोग अपने घर स्वस्थ होकर जा पा रहे हैं। इसी प्रकार एक अन्य कोरोना योद्धा ने कहा सभी डॉक्टर्स, नर्स का धन्यवाद एक छोटा सा शब्द है। मैं अपने दिल पर हाथ रख कर, सभी का धन्यवाद देता हूं क्योंकि सभी डॉक्टर, स्टाफ नर्स सभी ने हम सबका बहुत अच्छा से ख्याल रखा। यहां के डॉक्टर घर परिवार जैसा ख्याल रखते हैं, वह अपना परिवार का हिस्सा मानकर ही उपचार दे रहे हैं। यहां की सिस्टर का बहुत-बहुत धन्यवाद जो ना दिन देखती हैं, ना सुबह, न शाम, बस सेवा में पीपी किट पहनकर तत्पर लगी हुई है। सिविल सर्जन डॉक्टर ममता तिमोरी ने कहा सभी कोरोना योद्धा जिला अस्पताल से पूर्ण स्वस्थ अपने घर पर जा रहे हैं। यह हम लोगों के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने डीसीएससी वार्ड सहित जिले के सभी स्टाफ नर्स, कर्मचारियों का बहुत-बहुत धन्यवाद दिया, जो मन लगाकर लोगों की सेवा में लगे हुए हैं। आरएमओ डॉक्टर दिवाकर पटेल ने कहा आज डीसीएससी वार्ड दमोह से 07 कोरोना योद्धा डिस्चार्ज हो रहे। जिनमें से कुछ मरीज निमोनिया के पेशेंट थे, वह भी स्वस्थ होकर घर जा रहे हैं। उन्होंने कहा जब कोई मरीज विपरीत परिस्थिति में हमारे पास आता है, तो हमें भी उतना ही डर लगता है, जितना मरीज को, लेकिन उसके डर को देखते हुए और विश्वास के साथ हम लोग मरीज का उपचार करते हैं। डाँ पटैल ने कहा मरीज को परिवारिक माहौल देते हुए उपचार करते हैं, जिससे वह तुरंत ठीक होते रहते हैं, मरीज ठीक होने का सिर्फ यही कारण है कि हम उन्हें पारिवारिक माहौल देते हैं, साथ ही उन्होंने आमजन से कहा जो भी मरीज डिस्चार्ज होकर घर जा रहे हैं, उनसे अच्छा व्यवहार करिए यही है, जो विपरीत परिस्थितियों में आपकी मदद कर सकेंगे, उनका मनोबल बढ़ाइए। इन सभी मरीजों को स्वस्थ्य होने के उपरांत गरिमामय माहौल में फूल माला पहनाकर स्वागत-सम्मान के साथ यहां से विदा किया गया।



