छतरपुर दर्पणमध्य प्रदेश

महाराजा महाविद्यालय में पीजी के लिए प्रवेश प्रक्रिया हुई प्रारम्भ

यूजी के प्रथम व द्वितीय वर्ष के अंकों के आधार पर मिलेगा प्रवेश

मदन साहू की रिपोर्ट।

बुन्देलखण्ड के प्रसिद्ध व छात्रों के पसंदीदा शासकीय महाराजा महाविद्यालय छतरपुर में 5 अगस्त से स्नातक प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होने के बाद,अब 13 अगस्त से स्नातकोत्तर के लिए भी प्रवेश प्रकिया प्रारंभ हो चुकी है।इस बार कोरोना के चलते स्नातक फाइनल ईयर की परीक्षा न हो पाने और अभी तक परिणाम न आने के कारण छात्रों को यूजी या स्नातक के प्रथम व द्वितीय वर्ष में प्राप्त अंकों के आधार पर स्नातकोत्तर में प्रवेश देने की सुविधा दी गई।वहीं यूजी में एटीकेटी या सप्लीमेंट्री प्राप्त छात्र भी स्नातकोत्तर में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।स्नातकोत्तर में प्रवेश के लिए छात्र प्रथम चरण में 13 से 28 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन तथा 13 से 29 तक महाविद्यालयों में वेरिफिकेशन करा सकेंगें।जिसकी सीट आवंटन लिस्ट 4 सितंबर को जारी की जाएगी।जिसके लिए छात्र घर बैठे ही ऑनलाइन शुल्क भुगतान 4 से 9 सितंबर तक कर सकेंगे।जिसकी संस्थान द्वारा प्रवेशित विद्यार्थियों की सूची 9 से13 सितंबर तक जारी की जाएगी।

सीएलसी प्रथम चरण में वंचित छात्र करा सकेंगे पंजीयन और रिच्वाइस-
11 सितंबर से प्रारंभ होने वाली
स्नातकोत्तर प्रवेश प्रक्रिया में प्रथम चरण में रजिस्ट्रेशन से वंचित छात्र नए रजिस्ट्रेशन करा सकेगें।वहीं प्रथम श्रेणी में सीट आवंटित छात्र रिच्वाइस भी करा सकेंगे।इसमें चरण में रजिस्ट्रेशन के लिए प्रथम चरण की तुलना में अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
इस चरण में छात्र 11 से 16 सितंबर तक रजिस्ट्रेशन तथा 17 सितंबर तक वेरिफिकेशन करा सकेंगे।जिसकी मेरिट सूची 19 सितंबर को जारी की जाएगी तथा भुगतान 19 से 24 सितंबर तक किया जा सकेगा।

स्नातकोत्तर प्रवेश का अंतिम चरण 26 सितंबर से-

सीएलसी का दूसरा और स्नातकोत्तर प्रवेश प्रक्रिया का अंतिम चरण 26 सितंबर से प्रारंभ होगा।जिसमें आरक्षित सीटों को अनारक्षित के लिए बदला जाएगा।इसमें छात्र पोर्टल के माध्यम से डिजिटली ऑनलाइन भुगतान 27 से 30 सितंबर तक कर सकेगें।जिसमें प्रवेशित विद्यार्थियों की सूची पोर्टल पर 30 सितम्बर तक प्रदर्शित कर दी जाएगी।

इनका कहना है-
महाविद्यालय में स्नातकोत्तर के लिए प्रवेश प्रक्रिया 13 अगस्त से प्रारंभ हो चुकी है।इस बार कोरोना के चलते समय पर परीक्षा न हो पाने के कारण विद्यार्थियों के अंतिम वर्ष का परिणाम उपलब्ध न होने के कारण स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्ष के परीक्षा परिणामों को आधार मानते हुए प्रवेश दिया जा रहा है।स्नातक में सप्लीमेंट्री या एटीकेटी पाने वाले छात्र भी स्नातकोत्तर के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

-डाॅ डी पी शुक्ला,
प्राचार्य,शासकीय महाराजा महाविद्यालय छतरपुर (म.प्र.)

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