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कोरोना संदिग्ध शवों का अंतिम संस्कार सफाई कर्मियों से क्यों?

भारतीय सफाई मजदूर संघ ने किया विरोध।



जबलपुर। भारतीय सफाई मजदूर संघ ने संभागायुक्त के उस आदेश का विरोध किया है। जिसके तहत संदिग्ध कोरोनावायरस शवों और लावारिस लाशों के अंतिम संस्कार करने का काम संविदा सफाई कर्मियों या अन्य सफाई कर्मियों से करने के लिए कहा गया है।सफाई कर्मचारियों का कहना है कि इस कार्य के लिए अलग से भर्ती की जाए और उन्हीं से यह काम कराया जाए। इस काम को करने में उनके जीवन का जोखिम है।
इस विषय में भारतीय सफाई मजदूर संघ मध्य प्रदेश के नगर अध्यक्ष राजेश मार्वेकर का कहना है। कि कोरोनावायरस के समय की इन विषम परिस्थितियों में सभी सफाई कर्मी अपनी जान जोखिम में लेकर साफ सफाई का काम कर रहे हैं। ऐसे में यदि उनसे ही कोरोना संदिग्ध शवों या लावारिस लाशों को दफनाने या उनका अंतिम संस्कार कराने का काम कराया जाएगा। ऐसी स्थिति में उनका भी जीवन जोखिम में होगा और उनके परिजनों का भी।
संभाग आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए भारतीय सफाई मजदूर संघ ने कुछ जानकारियां अधिकारियों से चाही है।
मोक्ष संस्था के आशीष ठाकुर को लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार करने का ठेका नगर निगम प्रशासन ने दिया।
वह किस एजेंसी या मद से दिया गया है। जब आशीष ठाकुर के कर्मचारी अंतिम संस्कार के समय उपस्थित रहेंगे। तब नगर निगम के कर्मचारियों को डेड बॉडी उठाने का आदेश क्यों दिया गया है। आशीष ठाकुर को जो पैसा दिया जा रहा है वह किस मद से दिया जा रहा है कोरोना मद, कोविड-19 मद,नगर निगम के अपने मत से।
इसके साथ ही अपने कुछ मांगे भी उन्होंने रखी हैं। जिनमें हेल्थ ऑफिसर से यह मांग रखी गई है कि सामान्य वर्ग के सफाई कर्मियों से टैक्स वसूली, फायर ब्रिगेड, माली जैसे काम कराए जा रहे हैं। लेकिन उन्हें साफ सफाई के काम से दूर रखा जा रहा है।
सफाई कर्मचारी जहां सामूहिक रूप से बस्तियों में रहते हैं वहां सभी का सामूहिक कोरोनावायरस टेस्ट कराया जाए। संविदा सफाई कर्मचारी विगत 10 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन उनकी सैलरी उतनी ही है। उसे बढ़ाकर 18000 किया जाए। ताकि वह पारिवारिक भरण-पोषण की जिम्मेदारी को उठा सकें।
सफाई कर्मचारियों को काम के दौरान जो सुविधाएं मिलनी चाहिए, जो जरूरी सामान मिलने चाहिए, वह नहीं मिल रहे हैं। ड्यूटी के समय यदि किसी सफाई कर्मचारी की मौत होती है तो उसके परिवार को ₹50 का मुआवजा दिया जाए या फिर सभी सफाई कर्मचारियों का बीमा कराया जाए।
इस अवसर पर भारतीय सफाई मजदूर संघ के संभागीय अध्यक्ष पवन देवक ने बताया कि सफाई कर्मचारी बड़ी विषम परिस्थितियों में काम करते हैं लेकिन उन्हें जो जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए वह नहीं मिल रही हैं। ऐसी स्थिति में उनसे ही शवों के अंतिम संस्कार का काम कराना उनके जख्मों पर नमक छिड़कने के बराबर है।
इस अवसर पर भारतीय सफाई मजदूर संघ के नगर मंत्री बसंत गोरे जिला अध्यक्ष हेमंत मलिक के संग अन्य सफाई कर्मी भी मौजूद रहे।

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