तालाब की मेड़ बरसात के आते ही ग्रामवासियों के लिए बनी आवागमन की सबसे बड़ी समस्या

बिरसिंहपुर। 2 किमी की दूरी पर स्थित ग्राम हिनौता में तालाब की मेड़ बरसात के आते ही ग्रामवासियों के लिए आवागमन की सुविधा को बाधित कर देती है। तालाब की मेड़ पर मुरुम की परत न होने की वजह से मेड़ पर चल पाना भी ग्रामवासियों के लिए नाकों चना चबाने जैसे हो जाता है। ग्रामवासी पंचायत,प्रशासन से कई बार इस सड़क की मरम्मत के लिए पत्र लिख चुके हैं किंतु प्रशासन और कोई भी जनप्रतिनिधि इस समस्या को संज्ञान में नहीं लेते। बिरसिंहपुर से लगे हुए ग्राम की स्थिति किसी भी जनप्रतिनिधि से छिपी हुई नहीं है।
घटनाओं को निमंत्रण देती हिनौता तालाब की सड़क-
ज्ञातव्य है कि बरसात के मौसम में तालाब का जलस्तर काफी बढ़ जाता है और तालाब की गहराई मेड़ के करीब से ही करीब 20 फीट की हो जाती है। सड़क की स्थिति ठीक न होने की वजह से कोई भी वाहन किसी दिन बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। ग्रामवासियों की सुविधा और उनकी सुरक्षा को इस तरह नजरअंदाज किया जाना,दुर्भाग्यपूर्ण है। ग्रामवासी बताते हैं कि इस क्षेत्र के विधायक महोदय चुने जाने के बाद इस ओर कभी भी समस्या सुनने नहीं आए। हिनौता तालाब जिले के बड़े तालाबों में गिना जाता रहा है। इसका सौंदर्यीकरण जहाँ अभी तक जनप्रतिनिधियों के मुद्दों में नहीं आया वहीं इसे मौत का कुआं बनाने में किसी भी प्रकार की कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
पत्रकार दीपक नामदेव



