भोपाल दर्पणमध्य प्रदेश

गोपाल किरन समाज सेवी संस्था एवं जिला बाल अधिकार मंच के संयुक्त तत्वाधान में

ग्वालियर। संगीता शाक्य(डिविज़नल कमांडेंट एवं ( मुख्य संरक्षक) गोपाल किरन समाज सेवी संस्था के मार्गदर्शन में वरिष्ठ सदस्य श्रीप्रकाश सिंह निमराजे,संस्थापक एवं अध्यक्ष गोपाल किरन समाज सेवी संस्था के नेतृत्व में बैठक की अध्यक्षता जहाँआरा,वीडियो वॉलिंटर,गोआ द्वारा संयुक्तरूप की गई।शबनम खान ने कहा कि शिक्षा जीवन काआवश्यक अंग है जो हमें सामाजिक और राष्ट्र की प्रगति हेतु संकल्पित करती है। मूर्तिकार मूर्ति बनाता है ,कुम्हार मिट्टी से बर्तन बनाता है चत्रकार चित्र में सुंदरता बिखेरता है,वैसे ही एक शिक्षक समाज के आदर्श पुरुष की रचना करता है ,एक शिक्षक का कार्य मात्र शिक्षा देना नहीं है, अपितु अपने विद्यार्थियों को आदर्श व्यक्तित्व और सुसंस्कार के गुणों से परिपूर्ण कर समाज को श्रेष्ठ इंसान भी देना होता है ।जहाँआरा जी ने कहा कि बच्चों को बाल अधिकारो एवं बच्चों से मन के विचारों पर चर्चा की व बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा ,बाल श्रम की रोकथाम ,बाल हिंसा कोविड-19 संक्रमण की सुरक्षा हेतु समझाइस दी गई और घरों में रहकर रचनात्मक गतिविधि से जोड़ने पर जानकारी दी।उद्देश्य को लेकर आगे बढ़ो व्यक्तित्व को नही पर बात करते हुए1बच्चों के साथ नियमित संपर्क की बात रखी लगभग 2 करोड़ लोग अपनी नौकरियों से हाथ धो बैठे हैं। नए रोज़गार पैदा करने की कोई ठोस योजना का अभाव है। ऐसे समय हमारे युवाओं के पास एक ही रास्ता राह जाता है-“स्वरोज़गार” युवाओं को Entrepreneurship की जानकारी दे जाए ताकि वे स्वयं अपने पैरों पर खड़े हो.उन्होंने बालिको को रोजगार सीखने के1अपने और से समय देने को कहा.
प्रीति जोशी ने बालिको के साथ होने वाली हिंसा पर बात रखते हुए किस प्रकार बचा जा सकते हैं उस पर अपने विचार रखे जा सके और कहा कि महिलाओं के विरूद्ध होने वाले अत्‍याचार एवं अपराध सभ्‍य समाज के समक्ष गंभीर चुनौती हैं।सोबन खान1ने बच्चों के सोर्श पर बात रखे और उनके अधिकार के लिएपर बल दिया .और कहा की में सरकार के पास आज तक रोड सेफ्टी पर सही नीति नही है आज भी बिना ड्राइबर की ट्रेनिंग के लिए लाइसेंस सभी जगह आज भी मिल जाता है सड़क के खड्डों के लिये किसी ओ प्रकार का प्रोविशन नही है रोड इंजीनियर नही है रोड ऑडिटर नही है, ट्रॉमा सेंटर नही है रोड सेफ्टी मीटिंग में सालो से चल रहे पॉइंट्स भी वैसे के वैसे रहते है, इवन सुप्रीम कोर्ट कमेटी के पुराने पॉइंट्स भी ठीक नही करा पा रहा ओर नय पॉइंट्स ब्लैक स्पॉट ओर ऐड हो जाते है.गोपाल किरन समाज सेवी संस्था ने अपने बात रखे हुए कहा । कि संसार में दो प्रकार के पेड़ पौधे होते हैं। उदाहरण देते हुए बताया ।
प्रथम : अपना फल स्वयं दे देते हैं,जैसे – आम, अमरुद, केला इत्यादि
द्वितीय : अपना फल छिपाकर रखते हैं,
जैसे -आलू,अदरक, प्याज इत्यादि।जो फल अपने आप दे देते हैं, उन वृक्षों को सभी खाद-पानी देकर सुरक्षित रखते हैं, और ऐसे वृक्ष फिर से फल देने के लिए तैयार हो जाते हैं.किन्तु जो अपना फल छिपाकर रखते है,वे जड़ सहित खोद लिए जाते हैं, उनका वजूद ही खत्म हो जाता हैं।ठीक इसी प्रकार जो व्यक्ति अपनी विद्या, धन,शक्ति स्वयं ही समाज सेवा में समाज के उत्थान में लगा देते हैं, उनका सभी ध्यान रखते हैं और वे मान-सम्मान पाते है।वही दूसरी ओर,जो अपनी विद्या, धन, शक्ति स्वार्थवश छिपाकर रखते हैं, किसी की सहायता से मुख मोड़े रखते है, वे जड़ सहित खोद लिए जाते है, अर्थात् समय रहते ही भुला दिये जाते है।प्रकृति कितना महत्वपूर्ण संदेश देती है, बस समझने,सोचने और कार्य में परिणित करने की बात है। एक शिक्षा एक पाठ्यक्रम और विद्यालय पद्धति लागू करें और सभी के बच्चे सरकारी स्कूल में ही पढेंगे भाषा भी मनुष्य का आभूषण है। भाषा अलंकृत भी होती है और विकृत भी। आपकी भाषा आपके व्यक्तित्व को बिना कहे प्रस्तुत कर देती है। भाषा औऱ शब्दों का चयन भी आपकी वेश भूषा की तरह उच्च कोटि का ही होना चाहिए ।शिक्षित बनो ज्ञान के लिए।संगठित रहो उत्थान के लिए ।संघर्ष करो स्वाभिमान के लिए । हम सबको अपनी अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना होगा हम सब एक परिवार के सदस्य हैं.समय और शब्द दोनो का उपयोग सँभल कर करें, क्योंकि ये दोनों ना दोबारा आते है न मौका देतें है.अपने बच्चों को अमीर होने के लिए प्रोत्साहित मत करो बल्कि उन्हें यह सिखाओ कि वे खुश कैसे रह सकते हैं और जब बड़े हों, तो चीजों के महत्व को देखें उसकी कीमत को नहीं. ..फ्रांस के एक वाणिज्य मंत्री का कहना था, ब्रांडेड चीजें व्यापारिक दुनिया का सबसे बड़ा झूठ होती हैं जिनका असल उद्देश्य तो अमीरों से पैसा निकालना होता है लेकिन गरीब और मध्यम वर्ग इससे बहुत ज्यादा प्रभावित होते हैं
मानव मूल की असली कीमत उसकी नैतिकता, व्यवहार, मेलजोल का तरीका, सहानुभूति और भाईचारा है_। आपकी सोच में ताकत और चमक होनी चाहिए। छोटा -बड़ा होने से फर्क नहीं पड़ता,सोच बड़ी होनी चाहिए। मन के भीतर एक दीप जलाएं और सदा मुस्कुराते रहें।एक शिक्षा एक पाठ्यक्रम और विद्यालय पद्धति लागू करें और सभी के बच्चे सरकारी स्कूल में ही पढेंगे” श्रीप्रकाश सिंह निमराजे,मेरा यह सोचना है,23 मार्च को जो लॉकडाउन लगा था, शायद वह समय ठीक नहीं था, लॉक डाउन अब लगना था जब 80 हज़ार मामले पूरे देश से रोज़ निकल रहे हैं और हमारे शहर में रोज़ दो सौ मामलो की आमद हो रही है । ऐसा लगता है अब हमारे देश में कोरोना की कम्युनिटी स्प्रेड की शुरुआत हो गई है । किसी भी बीमारी या महामारी का कम्युनिटी स्प्रेड या कम्युनिटी ट्रांसमिशन कब होता है जब किसी संक्रमित व्यक्ति के सोर्स का कोई आधार ना हो ।जब किसी इलाके मैं अधिक संख्या में मामले आ जाए और लगातार यह संख्या फैलती जाए उसे कम्युनिटी ट्रांसमिशन कह सकते हैं।कोरोनावायरस से संक्रमित हर शख़्स का एक अलग अनुभव होता है,कुछ में इसके बेहद सामान्य या फिर यूं कहें कि बेहद कम लक्षण नज़र आते हैं तो कुछ में यह काफी गंभीर होते हैं, और कुछ तो ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें कोई लक्षण नही होते हैं,जिनके बारे में स्वास्थ्य विभाग सचेत करता रहता है।लेकिन एक बार ये पता चल जाए किआप संक्रमित हैं तो अस्पताल जाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचता ।भले सरकार ने रविवार का लॉकडाउन समाप्त कर दिया हो या रात का कर्फ्यू खत्म कर दिया हो पर हमारी जिम्मेदारी यह बनती है हम इस वायरस से बचाव का पूरा पूरा ध्यान रखें खुद भीसुरक्षित रहें अपने परिवार एवं सहकर्मीयों को भी सुरक्षित रखें,जान है तो जहान हैं ।मास्क लगाना और दूरी का पालन करना कर्त्तव्य हमारा ।“अप्प दीपों भवः”तुमको जागृत करने कोई मसीहा नही आएगा तुमको खुद ही जागृत होना होगा. डॉ.पुरुषोत्तम अर्गल जी ने कहा कि बच्चों केअधिकार के लिए समाज में स्थापित करने तथा समाज ऋण (पे बैक तो सोसाइटी) के महत्व को समझते हुए समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का प्रयास करें. और शिक्षा एवं स्वास्थ्य के बारे में विस्तार पूर्वक एवं सटीक जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना19 के समय मे बच्चो पर गहरा असर पड़ा है जिससे बच्चो की साल बर्बाद हो गई । अब शासन को मोटी मोटी फीस के बारे में बच्चों के परिवार पर गहरा सदमा पड़ा है क्यों कि परिवार पर को रोजगार नही हैं परिवार का पालन पोषण करना बड़ा मुश्किल हो गया है एवं स्कूल बाले फीस के लिए दबाब बना रहे हैं।कार्यकम में भाग लेने वाले गोपाल किरन समाज सेवी संस्था टीम के सदस्य रहे श्रद्धेय भगवान सिंह अजय कुमार विमल,श्रद्धेय दिनेश गौतम ,श्रद्धेय महेंद्र गौतम,श्रद्धेय जनार्दन अनुरागी,श्रद्धेय सन्त शरण माहौर,दीपक कुमार गौतम,पंकज दिवाकर,भारती,रचनागौतम,विशाखा गौतमी,अनीता गौतम,हरेन्द्र कुमार सिंह,दिलीप बौद्ध ,लाल सिंह कुशवाह,देवेंद्र पाठक रविराज गर्ग,संजय जाटव,विजयपाल बघेल,उदय बरैया,अनार सिंह कुशवाह,रामस्नेही , सहित अन्य लोग रहे।

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