कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा पोषण माह का शुभारंभ

पोषण माह मनाने का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को संतुलित भोजन के बारे में जागरूक किया जाना
दमोह। भारत सरकार एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा जारी निर्देशानुसार कृषि विज्ञान केंद्र दमोह द्वारा सितंबर माह को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाये जाने के उद्देश्य से 8 सितम्बर 2020 को शुभारंभ किया गया। पोषण माह मनाने का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को संतुलित भोजन के बारे में जागरूक किया जाना, साथ ही बच्चों में हो रहे कुपोषण की समस्या दूर करना है। इसी तारतम्य में बुधवार को जिले की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बांस का अचार नवाचार के रूप में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं महिला कृषकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम में केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, डॉ एके श्रीवास्तव द्वारा पोषण वाटिका की स्थापना हेतु कार्यकर्ताओं को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। जिसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के अलावा महिला एवं बालविकास अधिकारी उपस्थित रहे। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ बीएल साहू द्वारा कोरोना महामारी के दौरान लोगों में प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए स्थानीय स्तर उपलब्ध खाद्य पदार्थ में बांस, सहजन, ककोड़ा, टोरी, करेले आदि का प्रसंस्करण एवं मूल्य संर्वधित खाद्य पदार्थ यथा बांस का अचार, करोंदे की चेरी, शहद के सिरका निर्माण करने की तकनीकी एवं प्रदर्शन प्रशिक्षाणार्थियों को प्रदान किया।
कृषि विज्ञान केंद्र में स्थापित विभिन्न प्रदर्शन इकाईयां जैसे औषधीय एवं सुगंधीय फसलों की इकाई, फसल संग्रहालय, शहद प्रसंस्करण इकाई लघु धान्य फसल इकाई, चारा इकाई, पोषण वाटिका, चारा इकाई, अमरूद का बगीचा, अनार का बगीचा, नाडेप, केंचुआ खाद इकाई, एजोला इकाई, जल संचयन इकाई, पशुधन इकाई , नेट हाउस एवं पॉली हाउस, मिस्ड चेंबर, प्रजनक बीज उत्पादन प्रक्षेत्र, बीज प्रसंस्करण प्लांट आदि का भ्रमण किया। कार्यकर्ताओं को आंगनवाड़ी केंद्र में पोषण वाटिका स्थापित करने हेतु तकनीकी जानकारी प्रदान की। इस कार्यक्रम में केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आरके द्विवेदी, तकनीकी अधिकारी रेशमा झारिया, वैज्ञानिक राजेश खवसे एव अनूप बडगईयां की सक्रिय सहभागिता रही।



