रक्षा आयुध फैक्ट्रीयों में निगमीकरण का विरोध।

12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चर्चा।
जबलपुर। निगमीकरण के विरुद्ध रक्षा मंत्रालय के आयुध फैक्ट्री हो के कर्मचारी लामबंद हो गए हैं।
आज दिनांक 15 सितंबर को चीफ लेबर कमिश्नर कार्यालय द्वारा ऑर्डीनेंस फैक्ट्रीयों की 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की मांगों सवाल पर रक्षा विभाग की तीनों फेडरेशन ए आई डी ई एफ, आई एन डी डब्ल्यू एफ, बीपीएमएस के पदाधिकारियों तथा रक्षा मंत्रालय के पदाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से चर्चा की गई । जबलपुर से ऑल इंडिया डिफेंस एम्पलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एसएन पाठक जी ने ऑर्डीनेंस फैक्ट्री कर्मचारियों का पक्ष रखा पाठक ने अपनी चिर परिचित आक्रामक शैली में ऑर्डीनेंस फैक्ट्रीयों के निगमीकरण के फैसले का पुरजोर विरोध करते हुए ऑर्डीनेंस फैक्ट्रियों के निगमीकरण को वापस लेने पर जोर दिया। पाठक ने कहा आजादी के पहले जहां 15 ऑर्डीनेंस फैक्ट्रीयां थी सरकारों की इच्छाशक्ति और ऑडीनेंस फैक्ट्री के कामगार की कार्यकुशलता की बदौलत आज तक 41 फैक्ट्रियां खड़ी हो गई। इन फैक्ट्रियों में लाखों करोड़ों की संपत्ति हजारों एकड़ की जमीन मौजूद है। भारत सरकार के रक्षा बजट का 18% शिक्षा पर खर्च होता है कारपोरेट घरानों की नजर बजट के 18% और ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों की संपत्ति पर है। सरकारी क्षेत्र की इस इकाई को निगमीकरण के रास्ते निजी करण करना देश के साथ धोखा होगा। अगर निगमीकरण ही कार्य कुशलता को बढ़ाने का मापदंड होता तो आज बीएसएनएल की दुर्गति क्यों हो रही है? पिछले साल अगस्त 2019 की हड़ताल के समय चीफ लेबर कमिश्नर के समक्ष रक्षा मंत्रालय के साथ 30 हजार करोड़ के वर्क लोड पर समझौता हुआ था । उस समझौते पर अमल करते हुए फिर से ऑर्डीनेंस फैक्ट्रीयों के ऊपर निगमिकरण थोपा जा रहा है। समझौते का उल्लंघन अनफेयर लेबर प्रैक्टिस के अंतर्गत आता है चीफ लेबर कमिश्नर निगमीकरण के मामले में हस्तक्षेप कर ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों का छिना गया काम वापस दिलाने की अनुशंसा करें। रक्षा मंत्रालय द्वारा सभी पक्षों को सुनने के पश्चात फेडरेशन पदाधिकारियों का पक्ष EGOM तथा सरकार तक पहुंचाने एवं किसी भी निर्णय के पहले चर्चा का आश्वासन दिया। श्रम मंत्रालय द्वारा रक्षा मंत्रालय को हड़ताल की तारीख से पहले सभी चर्चाएं आयोजित करने की सलाह दी गई है।



