आखिर मंत्रियों का आयकर जनता के पैसे से क्यों भरा जा रहा है?

अफसरशाही को बढ़ावा देती शिवराज सरकार।
जबलपुर । मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा ने कहा कि कोरोना महामारी काल में तमाम राज्यों की आर्थिक स्थिति खराब है ।आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं ।इसके बावजूद भी प्रदेश के मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों संसदीय सचिव जिनका मासिक वेतन लगभग एक लाख 70 हजार के करीब है उनके आयकर को प्रदेश सरकार चुकाएगी। बाकायदा इसके लिए 2 करोड़ रुपए जारी कर दिए गए हैं ।कर्मचारियों का डीए रुका है एरियर्स, वेतन वृद्धि रुकी है किंतु प्रदेश सरकार ने अपने आईएएस ,आईपीएस, अधिकारी नाराज ना हो उनका सीपीएफ 4% बढ़ा दिया है ।अपने मंत्रियों को खुश करने के लिए जो आदेश दिए गए हैं ।मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा ने कहा कि कांग्रेस इसकी निंदा करती है बड़े शर्म की बात है जब पूरे देश में देश देश में लोगों का वेतन कम किया गया ।तब हमारी सरकार मंत्रियों के टैक्स की पूर्ति सरकार के खजाने से कर रही है। एक पेंशन धारी व्यक्ति अपने टैक्स को पेंशन से कटवाता है ।जो सेवा के लिए आता है वह सरकार के खजाने से इनकम टैक्स जमा करवा रहा है। शिवराज जी और भाजपा का असली चेहरा जनता के सामने आ चुका है ।यह सब जब हो रहा है जब सरकार चलाने के लिए 169दिन में 8000 करोड़ का कर्जा ले चुकी है ऐसे समय में दौरे, अतिथि सत्कार के लिए 41.79 करोड का बजट जारी किए गए।
कांग्रेस प्रवक्ता कोष्टा ने कहा कि देश ने आव्हान किया की जनप्रतिनिधि अपनी सैलरी घटाएं ।प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि उत्तर प्रदेश सरकार की तरह यह पुरानी व्यवस्था प्रदेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए खत्म कर देना चाहिए।



