आज होना था चिन्हांकन पर इंतजार करते रहे लोग।

क्राइस्ट चर्च स्कूल प्रबंधन और किसानों की सड़क।
जबलपुर। गौर के नजदीक सालीवाडा ग्राम में बनी क्राइस्ट चर्च स्कूल की नई इमारत के बगल से होकर ग्रामीणों की सड़क जाती थी कभी यह पूरा चौड़ा मार हुआ करता था जिससे ट्रैक्टर बैलगाड़ी जैसे वाहन निकल सकते थे किसानों का खेती का कार्य इसी सड़क के माध्यम से संपन्न होता था किंतु स्कूल प्रबंधन ने जब अपनी बिल्डिंग बनानी शुरू की तो ग्रामीणों को इस बात का आश्वासन दिया कि उन्हें निकासी का मार्ग दे दिया जाएगा पर बाद में उनका मार्ग भी अवरुद्ध हो गया और 2016 से लेकर अब तक किसान अपनी सड़क के लिए संघर्ष कर रहे हैं अधिकारी आते हैं देखते हैं पंचनामा प्रतिवेदन बनाते हैं और उसके बाद आगे की कार्रवाई क्या होती है यह ग्रामीणों को पता नहीं चलता।
विगत 15 सितंबर को संबंधित तहसीलदार के यहां से नोटिस आया कि 18 तारीख को सड़क के लिए सिंह चिन्ह आंगन का कार्य किया जाना है अगर सभी लोग उपस्थित रहे सुबह 10:00 बजे से लेकर 2:00 बजे तक ग्रामीणों ने अधिकारियों की राह देखी लेकिन कोई नहीं आया।
यदि आज चिन्ह अंकन हो जाता तो संभवत आगे चलकर उनके रास्ते के लिए रास्ता निकल आता। लेकिन इस सरकारी व्यवस्था की हीला हवाली से ग्रामीणों में रोष और निराशा दोनों व्याप्त हैं जिसे उन्होंने मीडिया के सामने प्रस्तुत किया।
ग्रामीणों की ओर से यह बताया गया कि सरकार भू राजस्व संहिता के तहत नियम क्यों खुले उल्लंघन को मूक दर्शक बनकर देख रही है किसानों का रास्ता नियमानुसार बंद नहीं किया जा सकता है किंतु स्कूल प्रबंधन अपनी हठधर्मिता पर अड़ा हुआ है। मीडिया के समक्ष अपनी शिकायत रखने वालों में ग्रामीण अमर सिंह मधु सिंह नरेश कुशवाहा और 25 से 30 ग्रामीण मौजूद रहे।
वह स्कूल प्रबंधन का कहना है कि उसने जांच परख करने के बाद जमीन खरीदी और जमीन खरीदने के बाद उसका सीमांकन कराकर जमीन पर काम शुरू किया गया यहां से ग्रामीणों की आपत्ति निराधार है।
इस समस्या को सुलझाने का जिम्मा जिन अधिकारियों पर है उनका रवैया आज के घटनाक्रम से पता चलता है।
