अभिभावक कल्याण संघ ने सौंपा सम्मान पत्र।

नचिकेता स्कूल की अनुकरणीय पहल।
जबलपुर। कोरोनावायरस की महामारी दिन-ब-दिन पूरी दुनिया में गंभीर होती जा रही है। हमारा देश भी इससे अछूता नहीं है और ना ही अछूता है इससे संस्कारधानी। स्कूल खुल नहीं रहे हैं पर फिर भी स्कूल प्रबंधन अभिभावकों पर फीस के लिए दबाव बना रहे हैं। ऐसी स्थिति में अभिभावकगण और स्कूल प्रबंधन आमने सामने हैं। इस रस्साकशी का तब तक कोई नतीजा नहीं निकल पाएगा। जब तक की आपस में बैठकर एक दूसरे की समस्याओं को समझ कर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।
इन तमाम विपरीत परिस्थितियों में नचिकेता स्कूल ने ऐसा कदम उठाया है। जो सभी स्कूल और अभिभावक गणों के लिए एक उदाहरण बन सकता है। बच्चों की शिक्षा उसकी गुणवत्ता और आवश्यकता को कोई नकार नहीं सकता उसी प्रकार स्कूल प्रबंधन द्वारा ली जाने वाली फीस की अनिवार्यता को भी कोई नकार नहीं सकता। परंतु इन विपरीत परिस्थितियों में स्कूल यदि फीस का बोझ कुछ कम कर दें तो अभिभावकों के लिए बड़ी राहत की बात होगी।
नचिकेता स्कूल की प्राचार्या डॉ कृष्णा नियोगी ने बताया कि
उनके स्कूल ने अभिभावकों की परेशानियों को समझते हुए फीस के बोझ को कम किया है और साथ ही किसी भी अभिभावक के ऊपर पीस के लिए दबाव नहीं बनाया है। आने वाले समय में सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप उच्च कक्षाओं की क्लासों का संचालन भी किया जाएगा। अलग-अलग कक्षाओं का समय अलग अलग रहेगा। जिससे कि बच्चे और शिक्षक एक ही समय पर एक साथ ना आए और ना ही एक साथ जांए।
बच्चों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग,मास्क, सेनिटाइजेशन का विशेष रूप से ख्याल रखा जाएगा और इसके साथ ही अभिभावकों के पास यह विकल्प रहेगा कि वह या तो बच्चे को स्कूल में भेज कर पढ़ाई कराएं या फिर उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई कराएं।
अभिभावक कल्याण संघ के अध्यक्ष हेमंत पटेल ने बताया कि
स्कूल ने अभिभावकों की 3 माह की फीस माफ की है और वर्तमान समय की जो फीस है उसमें 40% की छूट दी है। यह अभिभावकों के लिए एक राहत की बात है और इसीलिए इसीलिए अभिभावक कल्याण संघ की ओर से स्कूल को सम्मान पत्र सौंपा गया है। अविभावक कल्याण संघ के उपाध्यक्ष अमित चक्रवर्ती ने बताया कोरोना कॉल के चलते अभिभावकों की भी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। इसलिए नचिकेता स्कूल ने जो कदम उठाया है। वैसा ही दूसरे स्कूलों को भी करना चाहिए और इस गतिरोध को खत्म करना चाहिए। इस अवसर पर अभिभावक कल्याण संघ के सदस्यों भी उपस्थित रहे।



