स्कूल खोलना बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ के बराबर।

शिवसेना ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन।
जबलपुर। जब देश में एक या दो कोरोना के मरीज निकल रहे थे तब पूरे देश में लॉकडाउन था। और स्कूल कॉलेज से लेकर बाजार दुकानें सभी बंद थे। लेकिन आज जब हजारों केस प्रतिदिन कोरोना के सामने आ रहे हैं । उस दौरान स्कूल, अस्पताल खुले हैं और स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। ऐसे दौर में निजी स्कूल संचालक फीस के लिए दबाव बना रहे हैं। जो कि बहुत ही गलत है।
इसी विरोध के स्वर के साथ, आज शिवसेना ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन सौंपा। शिव सेना के प्रदेश प्रवक्ता कन्हैया तिवारी ने बताया कि निजी स्कूलों द्वारा कोरोना काल में संवेदनहीनता दिखाई जा रही है। विद्यार्थियों के अभिभावकों से अपने टीचरों के माध्यम से फीस वसूली के लिए फोन किए जा रहे हैं और उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। फीस वसूलने के तरीके बदल बदल कर अभिभावकों को मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है। ऑनलाइन परीक्षाएं लेकर यह सिद्ध किया जा रहा है कि, स्कूलों में नियमित पढ़ाई हो रही है और बच्चों की ग्रोथ भी हो रही है। इसलिए फीस जमा करनी है। स्कूलों को खोले जाने का निर्णय विद्यार्थियों के जीवन और स्वास्थ्यके साथ खिलवाड़ करने के बराबर है। इसलिए शिवसेना ने मांग की है कि, इस सत्र को जीरो घोषित कर, सभी बच्चों को जनरल प्रमोशन दिया जाए। ज्ञापन सौंपते समय शिवसेना के कार्यकर्ता सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मौजूद रहे। कलेक्ट्रेट में डिप्टी कलेक्टर कलावती को ज्ञापन सौंपा गया।
इस अवसर पर प्रशासन से शीघ्र ही इस विषय में उचित कदम उठाने की मांग की गई।



