मध्य प्रदेशसतना दर्पण

अवैध उत्खनन से सरभंगा आश्रम का मिट जाएगा नामोनिशान

मुरारी लाल बंसल के नाम है ढाई एकड़ की लीज
सतना। विंध्य प्रदेश को खनन माफियाओं ने अपने पिता की जागीर समझकर उजाड़ने का महासंकल्प लिया है। सरकारी अमला प्राकृतिक संपदा के तबाह होने का तमाशा देख रहा है।
चित्रकूट और धारकुंडी के जंगलों से लगे इस प्राकृतिक धरोहर वाले स्थान पर सरभंगा मुनि का ऐतिहासिक आश्रम बना हुआ है।इसी स्थान को खनन माफिया अपना स्वार्थ पूरा करने का सहारा बना चुका है।सरभंगा आश्रम के वजूद पर खनन माफिया सबसे बड़ा दाग बन गया है। सरभंगा आश्रम से लगे पहाड़ी हिस्से को समाप्त करने का काम खनन माफिया ईमानदारी से कर रहा है।
भारतीय जनता पार्टी की सरकार के संरक्षण में सरभंगा आश्रम को समाप्त करने का षड्यंत्र जारी है।शासन और प्रशासन की हिम्मत खनन माफिया को रोकने के लिए कभी देखने को नहीं मिली। चौबीस घंटे सरभंगा आश्रम से लगे पहाड़ी हिस्से को समतल करने के लिए आधा दर्जन पोकलेन मशीन चलाई जा रही है।स्थानीय लोगों ने बताया कि सरभंगा आश्रम से लगे पहाड़ी हिस्से पर एक बार फिर खदान स्वीकृत कराते हुए बॉक्साइट और लेटराइट जैसी खनिज संपदा को समाप्त किया जा रहा है। सरभंगा आश्रम के बगल से पहाड़ी हिस्सा होने के कारण यहां की प्राकृतिक सुंदरता देखने वालों को अपना दीवाना बना देती है।सूत्रों ने बताया कि भाजपा सरकार के संरक्षण में ही सरभंगा आश्रम को उजाड़ने का महाभियान चलाया जा रहा है।सतना शहर के विराट नगर में रहने वाले भाजपा के युवा लीडर ने अपने मजबूत राजनैतिक संबंधों के सहारे दूसरे के नाम वाली खदान को हासिल कर लिया और खनिज संपदा को हड़पने का सिलसिला बराबर जारी है।आठ नवंबर 2020 तक की लीज अनुमति दी गई है, कम समय शेष होने के कारण ही इन दिनों युद्ध स्तर पर सरभंगा आश्रम के पहाड़ी हिस्से को बंजर बनाने का काम किया जा रहा है। भाजपा नेताओं की सरपरस्ती में सरभंगा आश्रम से लगी खनिज संपदा का दोहन किया जा रहा है।शासन और प्रशासन का खुला संरक्षण मिलने की वजह से अवैध उत्खनन को जोरदार ढंग से अंजाम दिया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि तकरीबन ढाई एकड़ पर लीज का आवंटन मुरारी लाल बंसल सतना के नाम पर किया गया है। जबकि अवैध उत्खनन कराने का काम भाजपा के लीडर डंके की चोट पर कर रहे हैं।कुल मिलाकर सरभंगा आश्रम को मिटाने का षड्यंत्र भाजपा सरकार के संरक्षण में किया गया है।सरभंगा आश्रम के सामने से ही रामपथ गमन गुजरा है।सूत्रों ने बताया कि सरभंगा आश्रम को उजाड़ने के लिए जो महाभियान चलाया जा रहा है उसमें भाजपा के एक पूर्व मंत्री की भूमिका भी पूरी तरह संलिप्त है।भाजपा धर्म के नाम पर दिखावा करने में माहिर है। इसलिए नेताओं की सरपरस्ती में सरभंगा आश्रम का सीना छलनी करने का महाभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।

बॉक्साइट और लेटराइट का खजाना लुटवा रही सरकार,साधु संतों के विरोध पर बंद हुई थी खदान

चित्रकूट और धारकुंडी से लगे सरभंगा आश्रम का स्थान खनिज संपदा से परिपूर्ण है। बॉक्साइट और लेटराइट का खजाना लुटवाने का काम भाजपा सरकार के संरक्षण में किया जा रहा है।चौबीस घंटे पोकलेन मशीन की आवाज सरभंगा आश्रम से लगे जंगली हिस्से में गूंजती रहती है। सूत्रों ने बताया कि तकरीबन ढाई एकड़ में सरकारी लीज स्वीकृत की गई है जबकि भाजपा नेता पूरे पहाड़ी क्षेत्र में अवैध उत्खनन करवा रहे हैं। बॉक्साइट और लेट राइट का बंफर स्टॉक मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ नेपाल तक पहुंचता है। ढाई एकड़ की लीज पर भाजपा नेता पूरे पहाड़ी हिस्से को समाप्त करने का काम कर रहा है। ऐतिहासिक सरभंगा आश्रम खनिज संपदा से पूरी तरह परिपूर्ण है, जिसे पूरी तरह समाप्त करने का अभियान चलाया जा रहा है। जिला खनिज विभाग, जिला प्रशासन के साथ साथ भाजपा सरकार के पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक का सहयोग सरभंगा आश्रम को उजाड़ने के लिए चल रहे अवैध उत्खनन को दिया जा रहा है। नवंबर माह में स्वीकृत लीज की अवधि समाप्त हो जाएगी।सरभंगा आश्रम का इलाका हमेशा से ही भाजपा नेताओं के नजरों में चुभता रहा है। यही वजह है कि जिस नेतानुमा ठेकेदारों को मौका मिला तो उसने पहाड़ी जमीन को बंजर बनाने का संकल्प पूरा किया है।सरभंगा आश्रम के पहाड़ी हिस्से से निकलने वाली खनिज संपदा को दूसरे राज्यों तक पहुंचाया जा रहा है। सरभंगा आश्रम के सिरहाने पर चौबीस घंटे पोकलेन मशीनों की आवाज जंगली क्षेत्र में कोलाहल भर देती है।

ढाई एकड़ की लीज,
पूरे पहाड़ में खुदाई,

मध्य प्रदेश शासन को करोड़ों रुपए का राजस्व नुकसान चित्रकूट से लगे सरभंगा आश्रम का इतिहास शास्त्रों में प्रमुखता से नजर आता है। भगवान श्रीराम की तपोस्थली कहे जाने वाले इस जंगली हिस्से में अवैध उत्खनन की तीव्रता का असर भी बराबर देखने को मिला।सूत्रों ने बताया कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित अन्य सभी को सरभंगा आश्रम का मूल्यवान इतिहास पता है।सूत्रों ने बताया कि सतना शहर के विराट नगर में रहने वाले भाजपा लीडर को अक्सर आयोजनों में देखा जाता है।ढाई एकड़ की लीज के हिसाब से शासन की तिजोरी में मामूली राजस्व जमाकर बड़े स्तर पर राजस्व का चूना लगाया जा रहा है।ढाई एकड़ की अनुमति हासिल कर पूरे सरभंगा आश्रम के पहाड़ी हिस्से को तबाह करने का महाभियान चलाया जा रहा है।भाजपा सरकार से जुड़े पावरफुल नेताओं की मदद से सरभंगा आश्रम के इतिहास को चौपट करने का कुचक्र रचा गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page