सीसीटीवी कैमरे बन्द होने के कारण कैद नही हो सकी उपद्रवियों की गुंडागर्दी

गाडरवारा। प्रशासन की लचर व्यवस्था के कारण शहरवासियों में भारी आक्रोश गाडरवारा क्षेत्र हमेशा से ही शांतिप्रिय क्षेत्र रहा है वही नरसिंहपुर जिले को नदियों व नर्मदाओं के होने से भी क्षेत्र ओर भी सुसज्जित दिखाई पड़ता है लेकिन आये दिन हो रहे अवैध रेत उत्खनन को लेकर वारदाते होती रहती हैं व रेत माफियाओं द्वारा निरन्तर किसी ना किसी घटना को अंजाम दिया जा रहा है जिससे क्षेत्र में चारों ओर दहशत का माहौल बना हुआ है कहीं गोली चलना तो कहिं रेत माफियाओं दवा हवाई फायरिंग होना वही कई खदानों पर तो ग्रामीणों द्वारा ही अवैध रेत उत्खनन बन्द करवाया गया है वही प्रशासन की लचर व्यवस्था पर भी अनेको सवाल खड़े करते हैं जो काम प्रशासन का है वह क्षेत्र की जनता को करना पड़ता हैं । वही दूसरी तरफ नरसिंहपुर एएसपी राजेश तिवारी के स्थानांतरण एव एनकाउंटर मामले की उच्चस्तरीय जांच को लेकर गाडरवारा से कॉंग्रेस विधायक सुनीता पटैल का भोपाल विधानसभा के सामने लगातार धरना जारी है । लगातार गाडरवारा विधायक द्वारा एएसपी को लेकर कई सवाल खड़े किये गए थे जिसमें अहम मुद्दा क्षेत्र में बढ़ रहे अवैध रेत उत्खनन का भी था । वही पूरी कॉंग्रेस सरकार इस विषय पर शासन प्रशासन व बीजेपी को निशाना बना रहे हैं । पर वहीं बीते रविवार रात को कुछ लोगों द्वारा गाडरवारा पलोटन गंज स्थित चौराहे पर अचानक डिवाइडर स्वरूप चबूतरे को जोरदार टक्कर मारी जिससे चबूतरा तार तार होकर पूरा छतिग्रस्त हो गया गरीमत यह रही कि कोई जनहानि नही हुई लेकिन वहां देखते ही देखते हंगामे का माहौल बन गया । वही इस घटना को लेकर क्षेत्र के प्रबुद्धजन नागरिको व गाडरवारा के राजनेताओं द्वारा चाहे वो कॉंग्रेस हो या फिर भाजपा सभी ने एकता दिखाते हुए आमजन की भलाई को ले एकजुट होकर जिला कलेक्टर के नाम अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गाडरवारा को ज्ञापन सौपा जिसमे क्षेत्र में रेत का कारोबार करने वाली धनलक्ष्मी कम्पनी के लोगों द्वारा क्षेत्र में शांति भंग करने का आरोप लगाया गया है । वही ज्ञापन में उल्लेख किया कि बीते रविवार की रात करीब 11 बजे धनलक्ष्मी के कुछ लोग रात में शराब के नशे में बुलेरो गाड़ी में आये थे जिन्होंने अपनी गाड़ी मारते हुए पलोटन गंज स्थित चबूतरे को तार तार कर दिया एवं शासकीय सम्पति को भी नुकसान पहुचाया गया । जब यह मंजर देख आसपास के लोगों ने इनका विरोध किया तो उपद्रवी भाग खड़े हुए , मगर कुछ देर बाद चार पहिया वाहनों में लगभग 30 से 35 लोग सवार होकर फिर से आ गए एव खुलेआम धार धार हथियार लहराते हुए मुख्य मार्ग पर खड़े लोगों को गाली गिलौच कर मारपीट की घटना को भी अंजाम दिया गया ।
भरोसे की भैंस पड़ा बियानी
बुंदेलखंडी में एक कहावत है कि भरोसे की भैंस पडा बियानी जी हां इन दिनों यह कहावत गाडरवारा शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों की दुर्दशा को दर्शाती है शहर में चप्पे – चप्पे पर नजर रखने वाली तीसरी आँख इन दिनों बीमार चल रही है । गाडरवारा शहर को तीसरी आंख से निगरानी के लिए जगह जगह मुख्य मार्गों व तिराहों पर जैंसे चीचली तिराहा , राठी तिराहा , झंडा चौक ,आमगांव नाका , सीसीटीवी कैमरा से लैस किया गया था । मगर सीसीटीवी कैमरा अब शोभा की वस्तु बनकर रह गया है । रखरखाव के अभाव मे शहर के मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरे दम तोड़ रहे हैं शहर की यातायात व्यवस्था इन दिनों मानो बेलगाम होती नजर आ रही है इन दिनों सुधार के लिए बस वैठकों ओर कागजों तक सिमट कर रह गया है शहर का विकास ।
चौराहे पर लगे कैमरे खराब होने के कारण उपद्रवियों का तांडव , नही हो सका कैमरे में कैद
शहर में बढ़ रहे क्राइम की रोकथाम के लिए तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरा का भी महत्वपूर्ण रोल आज के इस आधुनिक युग में बन गया है । गाडरवारा शहर के कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था। जो कुछ दिनों तक चला । मगर इसके बाद इसकी सुधि किसी ने नहीं ली । लाखों रुपए की लागत से लगाया गया यह उपकरण सिर्फ शोभा की वस्तु मात्र रह गया । मरम्मत नहीं होने से ये कैमरे अब बेकार सावित हो रहे हैं । गाडरवारा शहर में अपराधों पर नियंत्रण करने हेतु अलग – अलग चौक पर सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं, किन्तु इन कैमरों का कितना लाभ हो रहा है , इस बात से किसी को कोई लेनादेना नहीं है चौराहों पर जगह – जगह आये दिन कोई न कोई वारदात को अंजाम दिया जा रहा है ।
शहरवासियों की सुरक्षा की दृष्टि से लगाये गए थे कैमरे
आपको बता दें शहरवासियों की सुरक्षा को लेकर लगाए गए थे लेकिन शहर में लगे कैमरों की बदहाली ऐंसी की जनप्रतिनिधियों की मेहनत पर पानी फेरती नजर आ रहे है इस संबंध में किसी ने जानने की कोशिश कभी नहीं की कि इतने महंगे कैमरे लगे होने के बावजूद अपराधों पर कितना अंकुश लगा ? क्या ये कैमरे रात को घटित अपराध दुर्घटना को रोक सकते हैं ? क्या घटित घटना को यह कैद कर सकते हैं ? किसी वाहन से अगर दुर्घटना हो जाये तो क्या ये महंगे – महंगे कैमरे उन वाहनों का नंबर देख सकते हैं ? बन्द पड़े ये कैमरे नगर पालिका गाडरवारा को लाखों की चपत लगा रहे हैं एव इन कैमरों के इर्द गिर्द घूमने वाली अपने आप को सुरक्षित समझने वाली भोलीभाली जनता ये नही समझ रही कि अभी जो कैमरे में अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं वो बिल्कुल भी इस भरोसे ना बैठें । वही बात करें रविवार में हुए आतंक की तो जहां पर यह घटना घटित हुई है वहां पर नगरपालिका द्वारा लगाए गए कैमरे लगे हुए थे लेकिन शहरवासियों की बदहाली ये की वह बन्द पड़े होने के कारण उपद्रवियों के तांडव की तस्वीर कैद नही कर सके यदि कैमरे चालू होते तो शायद पुलिस प्रशासन को आरोपियों को पकड़ने के लिए कोई अन्य सबूत इक्कठा करने की जरूरत नही थी लेकिन जबलपुर दर्पण ने 19 अगस्त के अंक में इस विषय को लेकर खबर प्रकाशित की थी व गाडरवारा एसडीओपी सीताराम यादव व स्थानीय विधायक सुनीता पटैल के संज्ञान में बंद पड़े कैमरों के मामले को इनके संज्ञान में लाया गया था लेकिन प्रशासन की छोटी सी चूक का फायदा माफियाओं ने उठाना लाजमी समझा एव देर रात इस घटना को बैखोफ होकर अंजाम दिया गया । गौरतलब है कि यदि चौराहे पर लगे कैमरे चालू होते तो उपद्रवियों द्वारा मचाया गया उपद्रव सीसीटीवी कैमरों में आज कैद होता जिससे आरोपियों को पकड़ने व सजा दिलवाने में आसानी होती पुलिस प्रशासन व नगरपालिका की इतनी बड़ी लापरवाही कई सवालिया निशान खड़े करती है ।



