मन्नत बाली मां काली की हुई स्थापना

जबलपुर दर्पण। आमतौर पर पूरे देश में शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के विविध रूपों की स्थापना और नव दिवसीय आराधना की परंपरा है। परंतु संस्कारधानी जबलपुर के इतिहास में संभवतःपहली बार मात्र 12 घंटे के लिए राइट टाउन में विशालकाय मां काली की स्थापना की गई। संयोजक अशोक पारिया ने बताया कि कोलकाता से आए मूर्तिकारों के 07 दिन के अथक परिश्रम से निर्मित 11 फुट ऊंची मां रक्षा काली की प्राण प्रतिष्ठा कल अमावस्या को सूर्यास्त के बाद शाम 6:15 बजे की गई और पूरी रात्रि चले अखंड पूजन अर्चन के बाद सूर्योदय के पूर्व उन्हें बिदाई देकर सुबह 6:30 बजे विसर्जित कर दिया गया। किसी भी प्रकार की मन्नत पूरी होने पर पश्चिम बंगाल में यही परंपरा है। आचार्य परिषद मध्यप्रदेश के संयोजक डॉ. एच. पी. तिवारी ने बताया कि इस विशिष्ट आयोजन में 05 वैदिक पुरोहितों द्वारा शोडषोपचार विधि से पूरी रात पूर्ण श्रद्धा,आस्था और भक्ति भाव से मां का पूजन अर्चन कराया गया। क्षेत्रीय विधायक विनय सक्सेना और राज्य शिक्षा सलाहकार डॉ .श्रद्धा तिवारी ने भी मां का पूजन अर्चन कर उनका आशीर्वाद ग्रहण किया। अनूप पारिया ने बताया कि इस अनुष्ठान में लगभग 3000 श्रद्धालुओं ने मां की आराधना कर भोग ग्रहण किया। माता की विदाई के समय समस्त श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। आयोजन में अमरीश मिश्रा, तापस पारिया, उत्तम पारिया, प्रिया बैनर्जी, अश्विनी पारिया, राहुल पटेल, प्रवेंद्र चौहान, विनोद तिवारी, रविशंकर श्रीवास्तव, श्रावण्ती पारिया, जे के चौकसे, संतोष श्रीवास्तव, मानसी पारिया ,सुनील कदम, प्रदीप पिल्ले,श्री निवास सोंधिया, अल्पना पारिया, धर्मवीर पटेल, सुजाता पारिया, मनोज पटेल, धर्मेंद्र पटेल, संध्या अग्निहोत्री, कर्मवीर पटेल, बॉबी पारिया तथा यू एस श्रीवास्तव उपस्थित थे।



