सीईओ के रहते हुए ग्राम पंचायत सेलना में सरपंच सचिव द्वारा बंदरबांट कर लाखों का गमन

सतना।भ्रष्टाचार एक ऐसा शब्द है जो वर्तमान समय में सेलना ग्राम पंचायत में सरपंच सचिवों के किए हुए कारनामों का नाम उजागर कर मशहूर है ग्रामीण जनता अपना दुख व्यथा समस्या आखिर किससे व्यक्त करें जनपद सीओ साहब से अगर कोई इस पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार के संबंध में बात करता है इतनी सटीक ढंग से उत्तर देते हैं ऐसा लग रहा है इनसे बड़ा ईमानदार कोई नहीं अभी तुरंत जनता का काम हो जावेगा कुछ लोगों की कहानी पर पत्रकार लोग इस गांव पर मुआयना करने पहुंचे तो स्पष्ट रूप से व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार की बात ग्रामीणों ने की
भ्रष्टाचार संस्कृत भाषा के दो शब्द भ्रष्ट और आचार से मिलकर बना है भ्रष्ट का अर्थ होता है थोड़ा गिरा हुआ Patti जिसने अपने कर्तव्य को छोड़ दिया है पंचायत में लगभग 3 गांव आते हैं जिसमें बैजनहां सेलना टिकुरी इन गांव में ग्रामीण जनता ने अपनी व्यथा तरह तरह से व्यक्त किए चाहे वह मेड बंधन हो आवास योजना हो चाहे वह सुलभ शौचालय हो ग्रामीणों ने अलग-अलग ढंग से अपनी व्यथा सुनाया जनता द्वारा बताया गया भ्रष्टाचार स्पष्ट रूप से तत्वों के साथ साबित हो रहा है कि वर्तमान सीईओ द्वारा जो सरपंच सचिव को संरक्षण देकर उनसे व्यापक ढंग से सरकारी जो योजनाएं चल रही है उनका कभी भी स्थित का ठीक ढंग से अवलोकन नहीं किया जाता है मनमानी ढंग से फर्जी तरीके से बिल बनाकर बिल मैं सम्मिलित कर पास कर दिया जाता है जहां इस लाक डाउन मे सभी जगह हाहाकार मचा है वही इस पंचायत में सरपंच सचिव लाखों का गमन करने में व्यस्त ग्रामीणों ने बताया बंधा तालाब में एक भी दिन काम मनरेगा के तहत हुआ नाही गांव के किसी व्यक्ति ने तालाब में काम नहीं किया फिर भी मास्टर रोल भरकर लाखों रुपए काम दिखा कर निकाल लिए गए इसी ग्राम पंचायत के सत्यनारायण तिवारी जी ने बताया कि मेरा भतीजा योगेंद्र तिवारी जोकि मानसिक रूप से पीड़ित है उसको ले जाकर खाते से ₹10000 ले लिया गया और ₹2000 उसको भी घूस के तौर पर रख लिया गया यही हालत सड़क निर्माण में भी राशि को हजम कर गए पंचायत कर्मी टीकुरी ग्राम में जो ग्राम पंचायत सेलना की अंतर्गत आता है जो मेन रोड से रास्ता जाता है ग्राम की ओर वहां पर निर्माण काम बिल्कुल नहीं हुआ और सीकेटी के द्वारा पूरी राशि हजम कर ली गई इसी तरह स्कूल भवन हैंड पंप तथा नाना प्रकार की कार्य की राशि हजम कर ली गई है ऐसे भ्रष्ट सचिव के ऊपर जनता जनार्दन यह मांग कर रही है माननीय कलेक्टर सतना से की इन भ्रष्टाचारी को जांच कर यहां से हटाया जावे जोरासी हजम की गई है उसको वापस कर ग्रामीण कार्यों में लगाया जावे जहां बिना निर्माण कार्य कर वही है जिम्मेदारों द्वारा मनमानी पूर्वक राशियों का आहरण कर लिए गए हैं जहां कई निर्माण कार्य आज भी अधूरा है जबकि पंचायतों द्वारा निर्माण कार्य को पूरा बता कर राशियों का बंटाधार कर दिया जाता है जनपद व जिले में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों तक मामला संज्ञान में आने के बाद भी पंचायत प्रतिनिधियों पर ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही जिससे पंचायत कर्मियों हौसले के हौसले बुलंद है और भ्रष्टाचार करने के नए-नए मामले हर दिन सामने आ रहे हैं टिकरी पंचायत में राम नारायण शुक्ला और भुवनेश्वर शुक्ला ने दुख व्यथा सुनाते हुए काहे की ऐसी भ्रष्टाचार मध्यप्रदेश में कोई पंचायत हो यहां पर सीकेटी सरपंच तानाशाही रूप अपना कर जनता का एक भी कार्य नहीं कर पा रही हैं जो वास्तविक गरीब है हरिजन आदिवासी उनका नाम आज तक लिस्ट में नहीं जोड़ा गया कारण यह है कि गरीब आदिवासी रुपया देने में सरपंच सचिव को असमर्थ है कितनों आदिवासियों का सुलभ शौचालय तथा आवास योजना में रुपए निकालकर हजम कर लिया गया देखा जावे आरसीसी सड़क जो एक 2 वर्ष पहले बनी थी लीपापोती कर बना देने के बाद आज अगर देखा जावे बिल्कुल उखड़ गई है शौचालय निर्माण में बहुत धांधली समझ में आ रही है जिनमें प्रमुख रूप से आवेदक करता रामलाल चौधरी गायत्री शुक्ला भागवत साकेत रामदास यादव रामनाथ यादव की वर्तमान समय में शौचालय रास निकाल कर सिक्योरिटी सरपंच हजम कर गए कहने से अनाप-शनाप उत्तर देते हैं जनपद पंचायत में बैठे सीओ साहब फरमान जारी कर मनमानी ढंग से सभी सरपंचों से कमीशन वसूली में लगे हुए हैं इसी तरह प्रहलाद आदिवासी मैं अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा मैं एक गरीब आदिवासी हूं सेक्रेटरी साहब ने हमसे ₹10000 मांगे थे मैं नहीं दे सका इसलिए हमको आवास योजना से बेदखल कर दिया गया इस पंचायत में अगर जिला सीओ साहब जांच करवाई तो इतना घोटाला 5 वर्षों में किया गया है उजागर हो सकता है
पंचायत कर्मियों का नाम
1 सरपंच श्रीमती सीमा तिवारी
2 सचिव विमला पांडे
3 रोजगार सहायक जितेंद्र पांडे



