खेत तालाब का नहीं हुआ निर्माण और कर दिया मूल्यांकन

समनापुर के कुकर्रामठ पंचायत में तत्कालीन सरपंच,सचिव का काला कारनामा
डिंडौरी ब्यूरो। जिलेभर से वैसे तो बिना निर्माण कार्य के मूल्यांकन कर राशि आहरण करने के कई मामले इससे पहले भी आ चुके हैं, जहां बिना निर्माण कार्य करवाएं ही जिम्मेदारों द्वारा कार्यों का मूल्यांकन कर भुगतान कर दिया गया।लेकिन ठोस कार्यवाही ना होने से सरपंच, सचिवों के हौसले बुलंद हैं।ताजा मामला समनापुर जनपद के कुकर्रामठ ग्राम पंचायत में सामने आया जहां खेत तालाब निर्माण के नाम पर लाखों रुपए का फर्जी भुगतान कर दिया गया,जबकि जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य हुए ही नहीं है।इसी तरह ग्राम पंचायत कुकर्रामठ में अन्य अनियमितताएं भी की जा रही है जिसे लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया गया कि ग्राम पंचायत कुकर्रामठ में वर्षों से सप्ताहिक बाजार लग रहा है, जिसकी बिना निविदा निकाले ही वर्षों तक नीलामी की गई और अपने सगे, संबंधियों को बाजार का ठेका दिया गया, इन पैसों का हिसाब भी ग्राम पंचायत के पास नहीं है, जो संदेह के घेरे में है।
- उपसरपंच धौंस दिखाकर करवा लिया फर्जी मूल्यांकन।
ग्राम पंचायत कुकर्रामठ मैं पंचायत प्रतिनिधियों की मनमानी इस कदर हावी है कि पंचायत के जिम्मेदार लोग ग्राम विकास को छोड़कर अपने खुद का विकास करने लगे हैं। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत कुकर्रामठ ने बिना निर्माण कार्य के फर्जी मूल्यांकन कर लगभग सात लोगों को खेत तालाब योजना से फर्जी भुगतान कर दिया गया, जबकि जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य हुए ही नहीं है।ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कार्यवाही करने की मांग की है। इसी तरह ग्राम पंचायत द्वारा सीसी सड़क निर्माण, पीएम आवास, शौचालय, मेड बंधान, मनरेगा सहित अन्य कार्यों में भी जमकर मनमानी की जाती है, लेकिन इन भ्रष्टाचारियों पर रोक लगाने प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कोई पहल नहीं की जा रही।
- जिला कलेक्टर से शिकायत कर कार्यवाही की मांग।
स्थानीय ग्रामीणों ने पंचायत के जिम्मेदारों की मनमानी से परेशान होकर जिला कलेक्टर को शिकायत पत्र भी सौंपा है, जिसमें ग्राम पंचायत द्वारा निर्माण कार्य में की गई मनमानी की शिकायत की गई है। शिकायत में उल्लेख किया गया कि बिना निर्माण कार्य के मूल्यांकन करने की जांच होनी चाहिए जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लग सके। आ गई शिकायत में बताया गया कि पंचायत द्वारा कुर्सी- टेबल की खरीदी, सीसी सड़क निर्माण, खेत तालाब, बाजार नीलामी सहित अन्य की जांच की जाए तो कई अनियमितताएं सामने आ सकती हैं, स्थानीय लोगों ने जांच कराकर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की मांग की गई है।



