एक्टिविस्ट पर हमले को लेकर सामान्य धाराओं में मनगवां थाने में दर्ज हुई एफआईआर

रीवा। एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी पर चन्देह पंचायत के सरपंच रमेश कुमार शर्मा उर्फ पप्पू और उसके चार साथियों जिनमें से घनश्याम सिंह पिता रामपाल सिंह निवासी मढ़ी कला और अन्य तीन के द्वारा रास्ते में नहर के ऊपर बनी पुल के पास किए गए प्राणघातक हमले को लेकर मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह एवं पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त शैलेश गांधी के द्वारा कड़ी कार्यवाही किए जाने के निर्देश के बाद रीवा पुलिस एसपी राकेश सिंह एवं एडिशनल एसपी शिव कुमार वर्मा के द्वारा मनगवां थाने में आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 294, 323, 506 और 34 के तहत सामान्य प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई है लेकिन अभी भी आरोपियों को पकड़ा नहीं गया है।
आपराधिक प्रवृत्ति का सरपंच रमेश शर्मा धमका रहा गांववालों को
बताया गया है कि आरोपी अभी भी गांव में स्वच्छंद घूम रहे हैं और सोशल ऑडिट एवं जनसुनवाई आयोजित करने वाले ग्रामवासियों को धमकियां दे रहे हैं कि अब तुम्हारी खैर नहीं और देख लिया पुलिस ने हमारा क्या बिगाड़ा और हम फ्री घूम रहे। रमेश शर्मा उर्फ पप्पू द्वारा धमकाया जा रहा है कि हमारा 20 वर्ष का आपराधिक रिकॉर्ड है और रीवा पुलिस कुछ नहीं बिगाड़ पा रही है और मेरे कब्जे में तीन भाजपा विधायक हैं जिनका संरक्षण प्राप्त है। अभी हाल ही में कराधान घोटाले में फंसी गंगेव जनपद की 38 पंचायतों के पक्ष में विधायक पंचूलाल प्रजापति एवं देवतालाब के विधायक गिरीश गौतम के द्वारा भी घोटालेबाजों के पक्ष में काफी बैटिंग की गई थी जिसको लेकर काफी सुर्खियां बटोरी गई थी। अब देखना यह है कि एक्टिविस्टों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ-साथ पत्रकारों के ऊपर हो रहे प्राणघातक हमलों को लेकर मध्य प्रदेश एवं रीवा की पुलिस क्या कार्यवाही करती है और फिलहाल तो सभी माफिया और गुंडे पुलिस और नेताओं के संरक्षण में मजे काट रहे है।



