मध्य प्रदेशसतना दर्पण

भीख नहीं अधिकार चाहिए : दया नहीं सम्मान चाहिए

दिव्यांगों ने सौंपा 8 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन

सतना। विकलांग उत्थान परिषद मध्यप्रदेश की जिला इकाई सतना के तत्वावधान में परिषद संस्थापक विनोद भाई टेढ़गवां के नेतृत्व में दिव्यांग सेना द्वारा आज मंगलवार की दोपहर यहां कलेक्ट्रेट प्रांगण में मुख्यमंत्री, निःशक्तजन आयुक्त व सामाजिक न्याय विभाग मध्यप्रदेश शासन के नाम संबोधित दिव्यांगों की 8 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन कलेक्टर अजय कटेसरिया की गैर मौजूदगी में प्रशासन के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार हिमांशु मलावी को सौंपा गया।

इस दौरान परिषद संस्थापक/अध्यक्ष विनोद भाई टेढ़गवां ने ज्ञापन लेने मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार हिमांशु मलावी को दिव्यांगों की 8 सूत्रीय मांगों की जानकारी से अवगत कराया।

परिषद संस्थापक/अध्यक्ष विनोद भाई टेढ़गवां ने कहा कि दिव्यांगों के हितार्थ संचालित शासन की योजनाओं का लाभ दिव्यांगजनों को नहीं मिल पा रहा है।
चुनावी माहौल में सरकारें दिव्यांगों को कई तरह का प्रलोभन तो देती हैं, लेकिन उनका जमीनी स्तर पर दिव्यांगों को कोई लाभ नहीं मिलता।
अपना काम निकल जाने के बाद जनप्रतिनिधि खुद के द्वारा किए गए तमाम वायदों को भूल जाते हैं। इनकी कथित कार्यशैली से दिव्यांगजनों में काफी निराशा है।
उन्होंने यह भी कहा कि शासन और प्रशासन की उदासीनता के चलते दिव्यांगजन शासन की संचालित योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहा है।उसे हर जगह से निराशा के सिवाय कुछ भी हाथ नहीं लग रहा है।

इस अवसर पर परिषद संस्थापक अध्यक्ष विनोद भाई टेढ़गवां, शारदा प्रसाद नामदेव, प्रधुम्न द्विवेदी, अविनाश प्रताप सिंह, ओपी तीसरे, भरत लाल दाहिया, विन्द्रावन कुशवाहा, राकेश चौधरी, नीरज जायसवाल, रामलाल साकेत, रामानुज कुशवाहा, इसरार मोहम्मद, सोमती साकेत, संजय सिंह, बसंतलाल रैकवार, अभिनेष सिंह, ब्रजभान साकेत, दयाशंकर सेन बड़कू, जितेंद्र सेन, धीरज रैकवार, सूरज साकेत, सुखलाल व छकौड़ी लाल सेन सहित बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित रहे।

ये हैं प्रमुख मांगें

बीपीएल सूची में दिव्यांगों का नाम अनिवार्य रूप से जोड़ने।पूर्व की भांति डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में मेडिकल बोर्ड सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने।तत्कालीन प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांगों के लिए घोषित 1000 रूपये की पेंशन राशि दिलवाने।दिव्यांगों को पीएम आवास योजना से लाभान्वित करने। रोजगार हेतु स्मार्ट सिटी अंतर्गत दिव्यांग मार्केट का निर्माण करवाने। बैंकिंग प्रक्रिया सरलीकरण कराकर दिव्यांगों को जमीनी स्तर पर ऋण दिलवाने।दिव्यांगों को राजनीति में आरक्षण दिलाया जाए। देश के सभी राज्यों में एक समान दिव्यांग, विधवा, निराश्रित पेंशन दिलाई जाए।

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