इधर सड़कों पर चलानी कार्यवाही,उधर आरटीओ विभाग से लोग परेशान

- वाहन चालकों के पास पूर्ण दस्तावेज न होने से भरना पड़ता है चालान।
- आरटीओ दफ्तर में दलालों के जरिए होते हैं कागजात तैयार।
डिंडोरी दर्पण ब्यूरो। वैसे तो आए दिन जिले भर के विभिन्न स्थानों पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने व शासन द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करवाने वाहनों की चेकिंग की जाती है, जिसमें वाहन चालकों के कागजातों को चेक किए जाते है, कागजात अपूर्ण होने पर या शासन द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का पालन न करने पर वाहन चालकों के चलानी कार्यवाही की जाती है, वाहन चालकों के चालानी कार्रवाई के बाद ही वाहनों को छोड़ा जाता है। इन्हीं सब से परेशान कुछ वाहन चालक कागजात को पूर्ण करवाने आरटीओ विभागों के चक्कर काटते हैं, जहां दलालों के चंगुल में फंस कर मोटी रकम देने के बाद ही वाहनों के कागजातों को पूरा किया जाता हैं। गौरतलब है कि आरटीओ विभाग में रजिस्ट्रेशन, वाहन की बीमा ,एनओसी, ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को काफी परेशानी होती है,क्योंकि आरटीओ विभाग में दलाल सक्रिय हैं,जो मोटी कमिशन लेने के बाद ही कार्यों को पूरा करते हैं। सूत्रों की माने तो आरटीओ विभाग में बिना फिजिकल टेस्ट के ही ड्राइविंग लाइसेंस दे दिया जाता है, जो सवाल खड़ा कर रहा है। बावजूद इस ओर शासन प्रशासन द्वारा कोई पहल नहीं की जा रही, जिससे जिले भर के सैकड़ों लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है।
- चलानी कारवाही से बचने कागजात तैयार करवा रहे वाहन चालक। जिला मुख्यालय के चंद्र विजय कॉलेज के पास स्थित आरटीओ कार्यालय में दलालों का बोलबाला है, जहां जिले भर से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने पहुंचे दर्जनों आवेदकों को दलालों के चंगुल में फंसकर मोटी कमीशन देना पड़ रहा है,जिसके बाद ही लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस मिल पाता है। सूत्रों की माने तो ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने पर दलालों के माध्यम से बिना फिजिकल टेस्ट वा बिना परीक्षा पास किए ही लोगों को लाइसेंस बांटे जाते जाते हैं। जानकारी के अनुसार शासन द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए गाइडलाइंस भी जारी किए गए हैं। नियमानुसार आवेदन के बाद छः माह के लिए लर्निंग लाइसेंस की शुल्क ₹270 रूपए निर्धारित होती है, तो वहीं 6 माह बाद परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ₹774 रूपए का शुल्क शासन द्वारा निर्धारित किया गया है। बावजूद मनमानी पूर्वक दलाल पैसे लेकर ड्राइविंग लाइसेंस को बनवा रहे हैं, जिस पर लोगों ने सवाल उठाए हैं, और कार्यवाही की मांग की गई है।
- तीन हजार में बनता है ड्राइविंग लाइसेंस।
जिले में आरटीओ विभाग पर दलाल इस कदर हावी है कि आवेदकों से मनमानी पूर्वक मोटी रकम की वसूली करते हैं और बिना टेस्ट पास के ही लाइसेंस दे दिया जाता है।बताया गया कि दलालों के माध्यम से तीन हजार से अधिक की राशि ड्राइविंग लाइसेंस के नाम पर ले ली जाती है और बिना फिजिकल टेस्ट व परीक्षा पास किए ही परमानेंट लाइसेंस जारी कर दिया जाता है, ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं कि बिना फिजिकल टेस्ट व बिना परीक्षा पास के ही लाइसेंस जारी कर रहे हैं,जबकि पर्याप्त अनुभव कुछ आवेदकों के पास नहीं रहती,बावजूद पैसे की शह पर कुछ दलाल सक्रिय होकर कार्यों को करवा रहे हैं। गौरतलब है कि शासन द्वारा लाइसेंस के नाम पर लगभग 1000 रुपए कि शुल्क का निर्धारण किया गया है, लेकिन यहां तीन गुने के पैसे वसूल कर मनमानी की जा रही है, जिस पर लोगों ने सवाल उठाते हुए कार्यवाही की मांग की गई है।



