ग्रामीण अंचलों में नहीं दिख रहा मेरा घर मेरा पाठशाला का असर

- इंटरनेट व संसाधनों का बना है अभाव।
डिंडोरी दर्पण ब्यूरो। जिले मैं मेरा घर मेरा पाठशाला का ग्रामीण अंचलों में असर नहीं दिख रहा है।ग्रामीण अंचलों में आज भी इंटरनेट व संसाधनों का अभाव लंबे समय से बना हुआ है ऐसे में ग्रामीण अंचलों के बच्चे शिक्षा से वंचित है। इसी तरह डिंडोरी जनपद अंतर्गत रैपुरा संकुल केन्द्र के प्राथमिक शाला मुड़िया कला मैं पदस्थ शिक्षकों की मनमानी आए दिन सामने आती ही रहती है, जहां ना तो समय पर शिक्षक स्कूल पहुंचते और ना ही मेरा घर, मेरा विद्यालय योजना को आगे बढ़ाने गांव में नहीं पहुंच रहे हैं। आरोप लगाया गया कि ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी जिम्मेदार शिक्षक के खिलाफ किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाई नहीं की गई ,जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों का भविष्य उज्जवल हो सके इसलिए बच्चों को स्कूल भेजते हैं,लेकिन स्कूल में पदस्थ शिक्षक अपने कर्तव्य से लापरवाही करने पर बच्चों का भविष्य अंधकार में चला जाता है, और बच्चे पढ़ाई लिखाई में कमजोर हो जाते हैं। गौरतलब है कि जिले में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए शासन द्वारा मेरा घर मेरा पाठशाला के तहत घरों में जाकर शिक्षक छात्र छात्राओं को पढ़ा लिखा रहे हैं, लेकिन डिजिटल युग में भी नेटवर्क की समस्या बनी हुई है तो कहीं संसाधन ही उपलब्ध नहीं है। जिससे बच्चों के अध्यापन कार्य प्रभावित हो रही है, और मेरा घर मेरा पाठशाला का असर ग्रामीण अंचलों में नहीं दिख रहा, जिससे बच्चों की पढ़ाई को लेकर अभिभावक परेशान और चिंतित नजर आ रहे हैं।



