सिर्फ सूचना बोर्ड में खुलता है गैस एजेंसी का ताला


9 वीं बटालियन क्षेत्र में मनमानी, ग्राहक हमेशा परेशान
रीवा दर्पण। सरकार ने रसोई गैस की सुविधा उपभोक्ताओं को देने के लिए विभिन्न गैस एजेंसियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप रखी है। बहुत सी ऐसी गैस एजेंसी हैं जिसको चलाने वाले लोग जानबूझकर व्यवस्था पर पलीता लगाते हुए उपभोक्ताओं को बेवजह परेशान करते हैं। संभागीय मुख्यालय रीवा के 9 वीं बटालियन एरिया में भारत गैस एजेंसी का आफिस और गैस सिलेंडर के लिए गोदाम बना हुआ है। शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से उपभोक्ता यहां पर सिलेंडर लेने पहुंचने लगे, लेकिन गैस एजेंसी और गोदाम का ताला शाम साढ़े चार बजे तक नहीं खोला गया। जिसके कारण बहुत से उपभोक्ताओं को खाली गैस सिलेंडर लेकर वापस घरों को बैरंग लौटना पड़ा। स्थानीय लोगों ने बताया कि आए दिन भारत गैस एजेंसी का ताला इसी तरह बंद रहता है। आज जब दोपहर 12:00 बजे मैं यहां गैस एजेंसी पहुंचा तो हमने देखा की गैस एजेंसी में और गैस गोदाम में दोनों जगह ताला झूल रहा था जबकि गैस एजेंसी और गैस गोदाम के बंद होने का समय दोपहर 1 बजे है । मैंने सोचा कि क्यों ना गैस एजेंसी प्रभारी अच्युतानंद पांडे के अपने कर्तव्य के प्रति उदासीन रवैए को जिम्मेदार अधिकारियों के सामने लाया जाए। इसके पूर्व के जो गैस एजेंसी प्रभारी रहे हैं वह अपने कर्तव्य के प्रति बहुत ईमानदार और सजग रहे हैं लेकिन वर्तमान गैस एजेंसी प्रभारी अच्युतानंद पांडे अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के आदी हो गए हैं। जैसा कि हम सभी जानते हैं गैस,पुलिस, डॉक्टर आदि यह सभी इमरजेंसी सुविधाएं हैं संयोग वश अगर किसी के घर में गैस सिलेंडर खत्म हो गया है तो वह गैस एजेंसी प्रभारी के अपने कर्तव्य के प्रति उदासीन रवैया के कारण अपने परिवार के साथ अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ पूरा दिन भूखे रहने के लिए मजबूर हो जायेगा। अब जिम्मेदार अधिकारियों से सवाल यह है की उन छोटे-छोटे नन्हे-मुन्ने बच्चों का क्या दोष है जो गैस एजेंसी प्रभारी के अपने कर्तव्य के प्रति उदासीन रवैया के कारण पूरा दिन भूखे रहने के लिए मजबूर हैं।
प्रशासनिक कसावट न होने के कारण बन गए हालात
गैस एजेंसी के मामले में अक्सर परेशानी का सामना आम उपभोक्ताओं को ही करना पड़ता है, पावरफुल लोगों के लिए हमेशा एजेंसियों से घर पहुंच सेवा उपलब्ध रहती है। संभागीय मुख्यालय रीवा के नवमी बटालियन क्षेत्र में संचालित भारत गैस एजेंसी के संचालक अच्युतानंद पांडे की लापरवाही के कारण दर्जनों उपभोक्ताओं को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ता है। खाद्य विभाग की लीपापोती के कारण ही गैस एजेंसी चलाने वाले लोग अपने आप को सबसे ऊपर समझने लगते हैं। रीवा कलेक्टर इलैया राजा टी को जनहित से जुड़े मामलों में विशेष कसावट लाने की आवश्यकता है सभी मनमानी करने वाले गैस एजेंसी के संचालकों की सालों से बिगड़ी आदत सुधर पाएगी।



