नहर फूटने से बुबे खेतों में भरा पानी, किसानों की फसले हुई बर्बाद


सिचाई विभाग की उदासीनता का खामियाजा भुगत रहे किसान
छतरपुर। लवकुशनगर क्षेत्र में खेतों की सिचाई के लिए ग्राम सिंहपुर में बांध का निर्माण किया गया है तथा इसी बांध से मुख्य नहर एवं माइनर नहरे निकाली गई है जिसमे सिचाई के एवज में जहरों की मरम्मत के नाम पर किसानों से मनमाना टैक्स भी बसूल किया जाता है। किन्तु सिंहपुर नहर के राजापुरवा माइनर का निर्माण गुणवत्ता विहीन होने से प्रतिवर्ष जब भी इस माइनर में पानी छोड़ा जाता है तभी हर वर्ष लवकुशनगर के पास अक्टोहा की पुलिया के पास यह नहर फूट जाती है जिससे नहर का पानी कैब किसानों के खेत मे भर जाता है और किसानों के खेत एवं खेतो में बुबी फसले बेकार हो जाती है। इस वर्ष भी उसी स्थान से नहर फूटने के बाद कई किसानों के खेतों में पानी भर गया तथा कई किसानों की बुबी हुई फसल बेकार हो गई। पूर्व में भी किसानों द्वारा सिचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को इस समस्या के अवगत कराया गया था और इस बार भी बताया गया है लेकिन सिचाई विभाग के जिम्मेदारों को जैसे किसानों के नुकसान के बारे में कोई फिक्र ही नही है।
इस संबंध में जब हमारे द्वारा सिचाई विभाग के एक कर्मचारी मिश्रा जी से बात की गई तो उनके द्वारा कहा गया कि इसके बारे में एसडीओ गुप्ता जी से बात करिए तथा मिश्रा जी द्वारा गुप्ता जी का जो नंबर दिया गया उस नम्बर पर कई बार फोन लगाकर बात करना चाही गई तो उनका मोबाइल हर बार बन्द बता रहा था। इन सब बातों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सिचाई विभाग की उदासीनता का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।



