खेरुआ सरकार के दरबार में पूरी होती हैं मन्नतें

दूर दराज से यहां मंगल और शनि को उमड़ती है आस्था की भीड़
नागौद। कलयुग के इस दौर में भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त बजरंगबली की विशेष कृपा जिन भक्तों पर रहती है,
उनके जीवन की सारी विपत्तियां प्रभु हर लेते हैं और बदले में खुशियों की सौगात झोली में भर देते हैं।
सतना जिले की नागौद तहसील अंतर्गत नागौद- सिंहपुर रोड़ पर खेरुआ सरकार स्वामी का दरबार आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है।
बजरंगबली के इस भव्य दरबार की महिमा अपरम्पार है।
कष्ट और दुखों से परेशान जो भक्त खेरुआ सरकार स्वामी के दरबार में आस्था और विश्वास के साथ आते हैं,
वे मुस्कुराते हुए अपने ठिकानों को वापस लौटते हैं।
भव्यता के साथ प्रतिदिन सुबह और शाम खेरुआ सरकार स्वामी की आरती पूरे मन और आस्था के साथ होती है।
दूर दराज से भक्तों का आना जाना बजरंगबली के दरबार में बना रहता है।
नागौद से सिंहपुर रोड़ में पांच किलोमीटर दूर ऐतिहासिक और भव्य खेरुआ सरकार स्वामी जी का दरबार सजा हुआ है।
खेरुआ सरकार की महिमा अपरम्पार है इसलिए भक्तों को यहां आने के बाद कभी निराश होकर नहीं लौटना पड़ता है।
रामचरितमानस का चल रहा अनिश्चितकालीन पाठ
सिंहपुर रोड़ पर स्थित खेरुआ सरकार स्वामी जी के दरबार में अनिश्चितकालीन रामचरितमानस का पाठ बराबर चल रहा है। लगभग 300 साल पुराना बजरंगबली का यह भव्य मंदिर बताया जाता है।
बताया जाता है कि बजरंगबली की प्रतिमा यहां पर स्थापित नहीं की गई है, बल्कि अपने आप भगवान का उद्गम यहां पर हुआ है।
बजरंगबली की प्रतिमा के साथ पीपल का पेड़ भी यहां पर नजर आता है वह भी सालों पुराना है।
लगातार हो रहा है खेरुआ सरकार के दरबार का उन्नयन
अम्बरीष प्रताप सिंह ने बताया कि लगभग तीन सौ साल पुराना यह बजरंगबली का ऐतिहासिक मंदिर है।
यहां पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह सहित विधायकों और सांसदों का आना जाना बना रहता है।
उन्होंने कहा कि सभी के जनसहयोग से खेरुआ सरकार स्वामी जी के दरबार का निरंतर उन्नयन हो रहा है।
मंदिर के पुजारी कृष्णानंद तिवारी ने बताया कि खेरुआ सरकार की सेवा हमारे पुरखों ने भी की है, तीसरी पीढ़ी में मैं इस जिम्मेदारी को पूरा कर रहा हूं।



