सरकार के विरुद्ध श्रमिक संगठनों की सामूहिक हड़ताल।

एलआईसी के कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर।
जबलपुर। सरकार की नीतियों का विरोध और सड़क पर होने लगा है। श्रम कानूनों में बदलाव से लेकर सरकार देश के स्थापित ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन करने जा रही है। इस तरह के परिवर्तन से सभी कर्मचारी संगठनों में आक्रोश व्याप्त है। जहां एक और सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। वहीं दूसरी और श्रम कानूनों में बदलाव करके श्रमिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। इसके साथ ही पेंशन योजना में परिवर्तन करके कर्मचारियों के चौथे पन पर आघात करने का काम सरकार कर रही है। कुछ इस तरह के उद्गार हड़ताल में शामिल संगठनों द्वारा प्रस्तुत किए गए।
केंद्रीय श्रम संगठनों के आवाहन पर एलआईसी जीआईसी के साथ सभी कर्मचारी यूनियनों ने एक साथ हड़ताल की।
जबलपुर डिविजन इंश्योरेंस एंपलाइज यूनियन के जबलपुर मंडल के अंतर्गत सभी 21 शाखाओं की कर्मचारी यूनियनों ने इस हड़ताल में हिस्सा लिया।
सीजेडआईईए के अध्यक्ष एन.चक्रवर्ती ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार एलआईसी के शेयर बाजार में लाने जा रही है और यह निजी करण की तरफ बढ़ाया गया एक कदम है। जिसका कि हमें विरोध करना है।
मीडिया से बात करते हुए श्री चक्रवर्ती ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगे एलआईसी के आईपीओ को शेयर मार्केट में लाने का विरोध है। इसके साथ ही पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए। वेतन पुनरीक्षण शीघ्र किया जाए। फैमिली पेंशन 30% की जाए। श्रम कानूनों में किए जा रहे बदलावों में कर्मचारी हितों की अनदेखी ना की जाए। सार्वजनिक संस्थानों का विनिवेशीकरण का विरोध किया जाए। इस हड़ताल में विजय मलाजपुरे, वंदना चौबे, हीरालाल कुशवाहा, जेडी यादव, लव कुमार कोष्टा, नवीन स्वामी, विनीता ढ़ींगरा, सुबीर मजुमदार,विनय शील हरदहा, के साथ एलआईसी पेंशनर्स एसोसिएशन के विनय गुप्ता अशोक कोष्टा भी उपस्थित रहे।



