भंडारण में विसंगतियां, वेयरहाउस संचालकों को घाटा।

स्वतंत्र डारेक्टर केंद्रीय भंडारण निगम को सौंपा ज्ञापन।
जबलपुर। धान की खरीद शुरू हो गई है और धान खेतों से निकलकर वेयरहाउस में भंडारण के लिए आने लगी है। इसके साथ ही वेयरहाउस संचालकों की चिंता है बढ़ने लगी हैं। उनकी सबसे बड़ी समस्या है भंडारण के दौरान नमी की। नमी जो धान में प्राकृतिक रूप से रहती है, उसमें तोलाई के समय नमी का वजन भी शामिल रहता है।
कुछ समय बाद उसका वजन अपने आप कम हो जाता है। क्योंकि धान में मौजूद नमी उड़ जाती है। सरकार इसके लिए वेयरहाउस संचालकों को 2% की छूट देती है। जबकि वास्तव में यह कमी 5% की हो जाती है। इसकी वजह से वेयरहाउस संचालकों को घाटा उठाना पड़ता है। इसके अलावा जो भंडारण शुल्क है, वह ₹3 प्रति बोरी बनता है, इसे बढ़ाकर ₹5 किए जाने की मांग की है। और इस संबंध में केंद्रीय भंडारण निगम के स्वतंत्र डायरेक्टर अनुपमा सिंह को ज्ञापन सौंपा गया।
मीडिया से बात करते हुए अनुपमा सिंह ने बताया कि वे कि इन समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द हो।
ज्ञापन सौंपते समय वेयरहाउस संचालकों की तरफ से आदेश तिवारी, वीरेंद्र पटेल,भरत पटेल, जयराज मठीजा,संजय मरवाहा भरत तिवारी उपस्थित रहे।



