विद्यालय को ’’एक शाला एक परिसर’’ की अवधारणा के अंतर्गत विकसित करें: श्री बोरकर

कमिश्नर ने किया हाईस्कूल, आंगनवाड़ी तथा ग्राम पंचायत का निरीक्षण
मण्डला। जबलपुर संभाग आयुक्त चंद्रशेखर बोरकर ने अपने मंडला जिले के दौरा कार्यक्रम के अंतर्गत निवास अनुविभाग के शासकीय कन्या स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए स्कूल में अध्ययनरत् विद्यार्थियों की संख्या तथा स्कूल की अन्य व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। श्री बोरकर ने विद्यालय में अब तक समाप्त किए गए पाठ्यक्रम के बारे में प्रधानपाठक से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि समय के अनुपात में विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम पूरा करें। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का भरपूर प्रयास करें। उन्होंने शाला गणवेश वितरण तथा पाठ्यक्रम से संबंधित चर्चा करते हुए उपस्थित छात्राओं से बात भी की। उन्होंने कहा कि विद्यालय को ’’एक शाला एक परिसर’’ की अवधारणा के अंतर्गत विकसित किया जाए। इस अवधारणा के तहत स्कूल परिसर में समस्त व्यवस्थाएं, स्टॉफ एवं आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाए। संभागायुक्त ने छात्राओं से पाठ्यक्रम एवं उनके विषय से संबंधित चर्चा भी की। इस दौरान कलेक्टर हर्षिका सिंह, जिला पंचायत सीईओ तन्वी हुड्डा, एसडीएम निवास पुष्पेंद्र अहके, डीपीसी हीरेंद्र वर्मा, एपीसी मुकेश पांडे एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
ग्राम पंचायत एवं आंगनवाड़ी केन्द्र का निरीक्षण
संभाग आयुक्त ने निवास अनुविभाग के अंतर्गत मेहरासिवनी की ग्राम पंचायत एवं आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत का निरीक्षण करते हुए उन्होंने सचिव एवं जीआरएस से गांव में परिवारों की संख्या, राशन कार्ड धारी, पेंशन धारियों की संख्या तथा मनरेगा के अंतर्गत गांव में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने जॉब कार्ड धारियों की संख्या तथा वर्तमान में सक्रिय जॉब कार्ड धारियों के बारे में चर्चा की। आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण करते हुए उन्होंने ज्ञानालय कार्यक्रम के अंतर्गत निरक्षर से साक्षर बनी महिलाओं से बात की। उन्होंने महिलाओं से वित्तीय साक्षरता के बारे में सामान्य चर्चा की। श्री बोरकर ने इस दौरान आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा एएनएम से गांव में गर्भवती महिलाओं की संख्या, बच्चों के टीकाकरण आदि के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने आशा कार्यकर्ता से गांव के बच्चों एवं उनके स्वास्थ्य की स्थिति एवं एएनएम के माध्यम से बच्चों के नियमित टीकाकरण संबंधी जानकारी ली। उन्होंने टीकाकरण से संबंधित दस्तावेज का अवलोकन किया तथा नियमित टीकाकरण के संपूर्ण दस्तावेजों को अद्यतन करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्र में दिए जाने वाले पोषण आहार के संबंध में जानकारी भी ली।



