समर्पण का भाव व्यक्त करते का समय है।

जगतगुरु स्वामी राघवदेवाचार्य महाराज के आशीर्वचन।
जबलपुर। जगतगुरू स्वामी राघव देवाचार्य महाराज के अनुसार यह धन संग्रह करने का नही बल्कि समर्पण भाव से समर्पण करने का समय है।भारत को मजबूत बनाना है तो यहां की प्राचीन संस्कृति और सभ्यता को संरक्षित करना होगा। युवा पीढ़ी को इससे जोड़ा जाए। आयुर्वेद को विश्व में अपनाया जा रहा है। इसे बढ़ावा देकर हम भारत को आत्म निर्भर बनाने की दिशा में सहयोग करते हैं। ये बात जगतगुरू सुखानंद द्वाराचार्य स्वामी राघव देवाचार्य महाराज ने विजयाश्री आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में कही।इस अवसर पर कॉलेज में निर्मित च्यवनप्राश का शुभारंभ (लांच )भी किया गया जो की पूज्य जगदगुरू स्वामी राघव देवाचार्य महाराज जी के कर कमलो द्वारा किया गया। स्वामी जी ने कहा कि समाज में ऐसे आयुर्वेदिक औषधि का वितरण करने से लोगों में आयुर्वेद के प्रति भरोसा मजबूत होता है। मौजूदा परिस्थितियों में ये च्यवनप्रास आतंरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होगा और अयोध्या में बन्ने जा रहे भव्य राम मंदिर के लिये सबसे समर्पण भाव से समर्पण करने को कहा स्वामी जी ने बोला यह समर्पण में किसी को हनुमान बन्ना ज़रूरी है तो किसी को जामवन्त और गिलहेरी लेकिन सहयोग होना अव्यशक है क्यूँकि हमारे आराध्य का भव्य मंदिर बन्ने जा रहा है।
विजयाश्री आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर राजेश स्थापक ने कहा कि च्यवनप्राश महाविद्यालय की फॉर्मेसी में विद्यार्थियों ने खुद योग्य चिकित्सको के मार्गदर्शन में तैयार किया है। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारक प्रवीण गुप्त भी मौजूद रहे अनहोने भी अद्भुत उद्भोधन दिया।
मंदिर निर्माण के लिए दिया सहयोग-
राजेश स्थापक और मंजूलता स्थापक ने जगदगुरू स्वामी राघव देवाचार्य जी महाराज की उपस्थिति में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए संस्थान की तरफ से समर्पण राशि भेंट की। मंजूलता स्थापक ने कहा कि कई दशकों की प्रतीक्षा के पश्चात श्रीराम जन्मभूमि में भव्य मंदिर की आधारशिला रखी जा रही है ये बेहद पुण्य कार्य है जिसमें समाज के हर वर्ग को बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी भव्य राम मंदिर के इतिहास को समझे और राम के आर्दशों को जीवन में आत्मसात कर सके। इस दौरान कॉलेज के संचालक राजेश स्थापक ने भी कहा कि आयुर्वेद कॉलेज के माध्यम से समाज में आयुर्वेदिक पद्विति को युवा पीढ़ी के बीच प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा।



