जबलपुर दर्पणप्रदेशमध्य प्रदेशवायलर न्युजशिक्षा दर्पण

संस्कारधानी में होगा राष्ट्रीय कवि संगम का आगामी संभागीय अधिवेशन।

राष्ट्र जागरण ही धर्म बन गया।

जबलपुर। बदलते समय में अगर सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव किसी ने जिला है तो वह हमारी हिंदी भाषा है सन 1935 की हिंदी और आज की हिंदी में बड़ा अंतर है बल्कि हम यह कहें कि सन 1935 में हिंदी अपने जिस शिखर पर देदीप्यमान हो रही थी आज हम उसी हिंदी को खोज रहे हैं हमारी वह हिंदी आज कहीं गुम हो गई है और उस हिंदी में अंग्रेजी उर्दू और दूसरी भाषाओं के इतने सारे शब्द आकर मिल गए हैं की हिंदी की अस्मिता और अस्तित्व की खोज की आवश्यकता है। आज की पीढ़ी को कविता और साहित्य के माध्यम से सनातन परंपराओं के उस पक्ष और इतिहास को संसार के सामने प्रस्तुत करना चाहिए जिसे बीते समय में लोगों ने ना केवल भुला देने की कोशिश की बल्कि हमारी पीढ़ी के सामने हमारे ही इतिहास को कुछ इस कदर तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत किया कि हमारा इतिहास हमारे लिए गौरव ना होकर एक उपेक्षा की वस्तु बन गया।
वह भारत जो कभी सोने की चिड़िया होता था जिन सनातन परंपराओं पर चलकर हम पूरी दुनिया में सोने की चिड़िया के नाम से प्रसिद्ध हुए उन्हीं परंपराओं को धूल में मिलाने की पूरी कोशिश की गई। आज जरूरत है एक बार फिर इतिहास के पन्नों को न केवल पलटने की बल्कि फिर से लिखने की ताकि सनातन परंपराओं का गौरव वीरता और मानवता की गाथाओं को एक बार फिर से लोगों के सामने रखा जाए। कुछ ऐसे ही विचार प्रस्तुत किए राष्ट्रीय कवि संगम के प्रदेश अध्यक्ष शंभू मनहर, प्रदेश महामंत्री मनीष तिवारी, महामंत्रीअभिनेश अटल, जिला अध्यक्ष प्रियदर्शनी अंबर, वसंत शर्मा के निवास पर बैठक संपन्न हुई।
7 फरवरी को राष्ट्रीय कवि संगम के होने जा रहे हैं। संभागीय अधिवेशन की रूपरेखा तैयार की गई। आगामी 7 तारीख के दिन राष्ट्रीय कवि संगम का यह संभागीय अधिवेशन जानकी रमण कॉलेज में आयोजित किया जाएगा।
इसके साथ ही भोपाल, मालवा, और निमाड़ मैं राष्ट्रीय कवि संगम के संपन्न हुए अधिवेशन की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर आशुतोष असर, कामना तिवारी श्रीवास्तव, महामंत्री नीता नारंग, मिथिलेश बड़गईंया, संरक्षिका श्रीमती मधुमिता घोष, अमित जैन, दीपक तिवारी दिव्य की मौजूदगी रही।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page