लॉकडाउन में सांई आनंद जन कल्याण समिति ने की जरूरतमंदो की मदद

जबलपुर दर्पण। कोरोना बीमारी में लॉकडाउन के चलते,अभी भी बहुत से लोग ऐसे हैं। जो अपने घरों से दूर हैं और रोजी रोटी कमा रहे हैं। लेकिन अब उनके लिए भोजन के साधन, उसने सुलभ और सस्ते नहीं रह गए हैं। जितने कि पहले थे। जरूरत है ऐसे लोगों तक मदद पहुंचाने की। जीवन में भोजन के महत्व को बिल्कुल भी झुलाया नहीं जा सकता और जो व्यक्ति दिन भर मेहनत करता है उसे समय पर भोजन की जरूरत होती है लेकिन लॉकडाउन के चलते परिस्थितियां बदल गई हैं आसानी से बना बनाया भोजन लोगों को उपलब्ध ही नहीं है। गौरतलब है कि पिछली दफा जब लॉकडाउन लगा था। तब कई समाजसेवी संस्थाएं और लोगों ने आगे बढ़कर, बना बनाया भोजन लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की थी। लेकिन इस बार कोरोनावायरस पहले से ज्यादा ताकतवर है और वह बड़ी जल्दी लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है ऐसी स्थिति में वह लोग परेशान हो रहे हैं जिनकी मदद करने वाला कोई नहीं है और मैं मदद की जरूरत है। यदि उन्हें नित्य पूजन की ही मदद मिल जाए तो उनके जीवन रक्षा मैं यह काफी कारगर साबित होगी।
ऐसा ही काम कर रही है,सांई आनंद जन कल्याण समिति,जिसकी अध्यक्षा समाजसेवी जागृति शुक्ला और समाजसेवी सीमा पचौरी के द्वारा लोगों के बीच भोजन और मास्क का वितरण किया गया। बलदेव बाग स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में, कार्यरत मजदूर वर्ग के ऐसे लोग। जो अपने घरों से दूर रहकर रोजी रोटी कमा रहे हैं। उन तक भोजन और मास्क के साथ-साथ कोरोना की महामारी में सहायता पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
साईं आनंद जन कल्याण समिति के तत्वाधान में महात्मा गांधी वार्ड पांडे चौक में कोरोना काल को देखते हुए यहां काम करने वाले,पल्लेदार और ट्रक ड्राइवर वगैरह,अपने परिवार से दूर है। जिनके खाने की कोई व्यवस्था नहीं है। उन तक ये संस्था रोज भोजन पहुंचाने का कार्य कर रही है। और मास्क, सैनिटाइजर भी वितरित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में संस्था के सभी सदस्य और कार्यकर्ता मौजूद रहे। जिंदल, कविता शुक्ला, मंजू बर्मन, कल्पना, सरोज, सीमा पचौरी, शकुंतला केसरवानी, आदित्य, कोहिना, मदन बर्मन, आकाश बर्मन, शैलेंद्र बर्मन, मुन्ना जैन, राजेश जैन, नरहरी तिवारी, जग्गा रैकवार, सत्यम अवस्थी, मुकेश शुक्ला का सहयोग और उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
इस अवसर पर संस्था की अध्यक्षा जागृति शुक्ला ने बताया कि,बीते चार-पांच दिनों से लगातार यह काम किया जा रहा है। ताकि यहां काम करने वाले जरूरतमंद ड्राइवरों और पल्लेदारों को मदद मिल सके।



